कक्षा 9वीं में बालकों का आरटीई में प्रवेश पर असमंजस आदेश के बाद भी प्राइवेट स्कूल नहीं दे रहे हैं एडमिशन
चित्तौड़गढ़ । आरटीई के दायरे में इस सत्र से बेटों को 9वीं से 12वीं तक निशुल्क शिक्षा देने की घोषणा अधरझूल में हैं। आरटीई के तहत 9वीं में एडमिशन लेने वाले बालक, प्राइवेट स्कूल संचालक भी असमंजस में हैं। क्योंकि आरटीई के दायरे में 8वीं तक चल रहे बच्चों को फीस जमा नहीं करानी पड़ती, लेकिन 8वीं उत्तीर्ण बच्चे 9वी मेंे दाखिला लेने के लिए फीस जमा कराएं या नहीं, यह असंमजस है। उल्लेखनीय है कि गत साल जिले में 1150 बालक आठवीं मेंे उत्तीर्ण हुए थे, जो अब नौवीं में आरटीई के तहत प्रवेश लेने के इंतजार में है।
राज्य सरकार द्वारा सत्र 2022-23 में आरटीई के अंतर्गत 8वीं तक अध्ययनरत बालिकाओं को 12वीं तक मुफ्त शिक्षा की योजना को लागू किया था। जिसके तहत निजी विद्यालय की मान्यता के समय जमा बालिका शिक्षा फाउंडेशन की राशि से इन बालिकाओं के खातों में फीस का पुनर्भरण का नियम बनाया था। इसी तर्ज पर सरकार द्वारा गत वर्ष बजट घोषणा में 2023-24 से बालकों को भी निशुल्क शिक्षा देने की घोषणा की थी। इसका आदेश बीकानेर निदेशालय द्वारा 18 अप्रैल को जारी हुआ था। इसके बाद आगे की कार्रवाई नहीं की गई। प्राइवेट स्कूलों में सत्र प्रारंभ हो गए हैं। जो बालक 8वीं से 9वीं में आए हैं, ऐसे 1150 बालक सरकार की निशुल्क शिक्षा की घोषणा का लाभ नहीं ले पा रहे।
^इंदिरा शक्ति पुर्नभरण योजना की तर्ज पर ही इस साल से बजट घोषणा के अनुसार आरटीई के दायरे में इस साल उत्तीर्ण 8वीं आरटीई छात्रों को कक्षा 9वीं में एडमिशन देय होगा। पुनर्भरण की राशि राजस्थान सरकार द्वारा जारी होगी। सभी स्कूलों को आदेश जारी कर दिए हैं। कल्पना शर्मा, डीईओ, माध्यमिक
^इसी साल 8वीं उत्तीर्ण की है। अब तक स्कूल में कभी फीस जमा नहीं कराई, अब नौवीं में प्रवेश लेने पर स्कूल फीस मांग रहा है। अब कैसे दाखिला लें। स्कूल की फीस भरने क्षमता नहीं है। स्कूल वाले भी निशुल्क शिक्षा की बात नहीं मान रहे। -दशरथ, चित्तौड़गढ़ ^मैं कक्षा 8वीं तक निशुल्क पढ़ा हूं। माता-पिता ने मेरा अभी तक नौवीं में प्रवेश नहीं कराया। सरकार ने जनवरी में बालकों के लिए भी मुफ्त शिक्षा की घोषणा की, लेकिन विद्यालय इसको नहीं मान रहे हैं। माता-पिता की फीस जमा करने की हैसियत नहीं है। -विक्रम बंजारा, बंजारा बस्ती
^राज्य सरकार द्वारा निजी विद्यालयों में आरटीई के अंतर्गत बालकों के लिए जनवरी में बीकानेर से आदेश जारी होने के बाद आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे बालकों को नवीं में प्रवेश देना असमंजस की स्थिति में है। यहां तक कि कई विद्यार्थी स्कूल भी नहीं जा रहे है। सरकार को स्थिति स्पष्ट करना चाहिए। -प्रकाश चेलावत, जिला संरक्षक, गैर अनुदानित शिक्षण संस्था संचालक समिति

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