नाराजगी : डीपीसी हो चुकी, काउंसलिंग अटकी, तृतीय श्रेणी के तबादले नीति बनाकर करें, संस्कृत शिक्षा में प्रमोशन की मांग समस्याओं पर शिक्षक संघ का प्रदर्शन, नारे लगाकर दोहराईं मांगें
राजस्थान शिक्षक संघ के बैनर तले मंगलवार को उदयपुर सहित संभाग के सभी 6 जिलों के शिक्षकों ने समस्याओं को लेकर संभागीय आयुक्त कार्यालय के बाहर सुबह 11 से 4 बजे तक धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ऋषि चौबीसा के नेतृत्व में किया गया। मानव श्रृंखला बनाकर आक्रोश जताया।संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश पुष्करणा ने मांगें नहीं मानने पर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी। राज्य सरकार पर आरोप लगाए कि महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलकर हिंदी मीडियम के स्कूलों को पीछे धकेला जा रहा है। जो बरसों से हिंदी स्कूल थे, उन्हों के सिर्फ नाम बदले हैं। जबकि पढ़ने और पढ़ाने वाले हिंदी मीडियम के ही हैं। सिर्फ नाम बदलने से शिक्षा में गुणवत्ता नहीं आ सकती है।
साल 2020-21 में टीएसपी क्षेत्र की डीपीसी हो चुकी है, लेकिन काउंसलिंग प्रक्रिया अटकी हुई है, जिसे तुरंत पूरी कराया जाए। टीएसपी में कार्यरत नॉन टीएसपी के शिक्षक जो गृह जिलों में समायोजन चाहते हैं उनका समायोजन किया जाए थर्ड ग्रेड शिक्षकों के स्थानांतरण नीति बनाकर किए जाएं। संस्कृत शिक्षा विभाग के सभी संभागों की पदोन्नति की भी मांग की। जिला मंत्री चंदनमल बागड़ी, प्रदेश मीडिया सदस्य पारस जैन, संस्कृत शिक्षा प्रदेश उपाध्यक्ष अभय सिंह राठौड़, प्रदेश महिला मंत्री जयमाला पानेरी आदि मौजूद थे।
समस्याओं के समाधान के लिए 24 को जुटेंगे शिक्षक अधिकारी धरना-प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधियों ने संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट को ज्ञापन दिया। शिक्षकों के स्थायीकरण, चयनित वेतनमान उच्च माध्यमिक विद्यालयों में क्रमोन्नति के बावजूद लगे प्रारंभिक शिक्षा के शिक्षकों का अप्रैल से बकाया वेतन भुगतान, तृतीय से द्वितीय श्रेणी में अटकी पदोन्नति की मांग उठाई। भट्ट ने 24 जुलाई को सुबह 11:30 बजे सभी जिलों के सीडीईओ, संयुक्त निदेशक और शिक्षा विभाग एवं जनजाति विभाग के कानूनी सलाहकार के साथ राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रतिनिधिमंडल की बैठक कराकर समस्याओं के समाधान करने का आश्वासन दिलाया है

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