शिक्षकों की कमी से रुदलाई स्कूल से हो रहा विद्यार्थियों का पलायन
खरवा. 1952 में 5 विद्यार्थियों से शुरू हुआ रुदलाई का स्कूल 2022-23 में उच्च माध्यमिक स्तर का तो हो गया, लेकिन स्कूल को कभी भी पूरा स्टाफ नहीं मिला। शिक्षकों की कमी दूर करवाने के लिए ग्रामीण शिक्षा मंत्री तक सम्पर्क कर चुके हैं। चालू सत्र में तो नए प्रवेश बढ़ने की बजाय शिक्षकों की कमी से 30 विद्यार्थियों ने टीसी निकलवा ली है। दो दशक पूर्व तक रुदलाई स्कूल में लड़कियां पढ़ने नहीं जाती थीं। गांव में उच्च शिक्षा की व्यवस्था होने पर वर्तमान में लड़कों के अनुपात में लड़कियां ज्यादा पढ़ रही हैं।
शिक्षकों की कमी
राउमावि रुदलाई में प्राथमिक से उच्च प्राथमिक स्तर के स्वीकृत 6 शिक्षक में से 4 ही कार्यरत हैं। 6 वरिष्ठ अध्यापकों के पद में से केवल एक शिक्षक मिला है। स्कूल व्याख्याता का पद स्वीकृत ही नहीं है। ना ही स्कूल में कम्पुयूटर अनुदेशक है। शिक्षकों की कमी के कारण बोर्ड परीक्षार्थी स्कूल में लगे कंप्यूटर प्रोजेक्ट से ई-शिक्षा का सहारा लेते हैं।
शाला विकास से लगाया शिक्षक
रुदलाई स्कूल में अध्यापकों की कमी का ग्रामीणों में आक्रोश के चलते विद्यालय विकास प्रबंधन कमेटी ने एक शिक्षक शाला विकास शुल्क से लगाने का निर्णय किया है।स्कूल में अध्यापकों की कमी से अवगत करवा दिया है। एक गणित का शिक्षक अब शाला विकास शुल्क से लगाया है। स्कूल में अध्यापकों की कमी से अभिभावकों में भारी रोष है।-प्रताप सिंह, एसडीएमसी सदस्य।
ग्रामीणों में स्कूल में अध्यापकों की कमी से गुस्सा है। बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था करवा रखी है। उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है।-अंकित कुमार वैष्णव, प्रधानाचार्य, रुदलाई।

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