मिड डे मील तथा बाल गोपाल योजना की हकीकत जानने के लिए सौंपी जिम्मेदारी
बीकानेर नया शिक्षा सत्र शुरू हुए करीब एक पखवाड़ा हो गया है। इसी के साथ ही विद्यालयों में विद्यार्थियों को किस स्तर का पोषाहार मिल रहा है और दूध की मात्रा कैसे दी जा रही है। स्कूलों में जितना नामांकन है। उस आधार पर पोषाहार वितरित किया जा रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रभावी पर्यवेक्षण तथा संचालन के लिए पूरे राजस्थान के सरकारी स्कूलों में जाकर जमीनी हकीकत जांची जाएगी।
इसके लिए तीन टीमों का गठन कर अधिकारियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन टीमों में एक-एक अधिकारी के साथ दो-दो कार्मिकों को भी शामिल किया गया है। सम्बंधित अधिकारियों को जिले आवंटित किए गए हैं। ये अधिकारी पांच जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी तथा पीइइओ को विद्यालय चिन्हित कर औचक निरीक्षण के लिए निर्देश देंगे।
इन अधिकारियों के पास इन जिलों की जिम्मेदारी
मिडे डे मील योजना के अतिरिक्त आयुक्त रामस्वरूप मीणा के पास चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़,सवाई माधोपुर, जोधपुर, बाड़मेर, पाली, जालौर, जैसलमेर, उदयपुर , राजसमंद, उपायुक्त डॉ. आशीष जोशी के पास सीकर, झुंझुनूं, अजमेर, चितौड़गढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, सिरोही, बीकानेर, धौलपुर, करौली जिले का निरीक्षण करेंगे। उपायुक्त (प्रशासन) आशा कुमारी मीणा जयपुर, अलवर, दौसा, कोटा, टौंक, बारां, झालावाड़, बूंदी, भीलवाड़ा, नागौर तथा भरतपुर जिले के स्कूलों में मिड डे मील तथा मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना का निरीक्षण कराएंगे।

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