सरकारी स्कूल में एडमिशन नहीं देने की कलेक्टर को शिकायत प्रिंसिपल बोले-छात्र स्कूल में चोरी करते पकड़ा, इसलिए अब पेरेंट्स से शपथ पत्र भरवा रहे
उदयपुर के सरकारी सी.सैकंडरी स्कूल रिषभदेव में प्रिंसिपल द्वारा एक परिवार के बच्चों को प्रवेश नहीं देने को लेकर अभिभावकों ने कलेक्टर को शिकायत की है। बच्चे की मां दुर्गा पत्नी भंवरलाल मेघवाल ने बताया कि प्रिंसिपल ने उसके 3 बच्चों को एडमिशन देने से मना कर दिया। एक बेटे का 11वीं का एडमिशन होना है और बाकी 2 बेटे जो 9वीं में फेल हो चुके हैं, उनका वापस 9वीं में एडमिशन होना है।
महिला ने प्रिंसिपल पर आरोप लगाया है कि जातिगत भेदभाव के कारण उसके बच्चों को स्कूल में एडमिशन नहीं दिया जा रहा। महिला ने प्रिंसिपल पर एडमिशन के लिए जमा कराए डॉक्यूमेंट और शुल्क राशि वापस देने का भी आरोप जड़ा।वहीं, स्कूल प्रिंसिपल प्रकाश भाणावत का इस मामले में कहना है कि एडमिशन के लिए मना नहीं किया और ना ही अभी टीसी काटी है। प्रिंसिपल ने बताया कि दुर्गा मेघवाल का बड़ा बेटा करीब 3 माह पहले स्कूल में गेहूं के कट्टे चुराते हुए मैंने रंगे हाथों पकड़ा था। जिसे हमने पुलिस के हवाले भी किया था। आज भी 3 गेहूं के कट्टे पुलिस थाने में पड़े हैं।
इससे पहले भी स्कूल में गैस सिलेंडर और अन्य सामान चोरी हो चुके हैं। ऐसे में हमने स्कूल में अनुशासन को ध्यान रखते हुए पेरेंट्स के लिए एक शपथ पत्र बनाया है जिसे एडमिशन से पहले पेरेंट्स से यह शपथ पत्र भरवाया जाएगा। लेकिन अभिभावक दुर्गा मेघवाल ने इसे भरने से मना कर दिया। प्रिंसिपल भाणावत का कहना है कि मैं इसी गांव का हूं और इसी सरकारी स्कूल में पढ़ा हूं। मुझ पर जातिगत भेदभाव के आरोप झूठे लगाए जा रहे हैं।

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