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मंगलवार, 18 जुलाई 2023

परिवादी का फूफा बन एसीबी ने पूछा, दलाल बोला, आयोग सदस्य संगीता को देंगे रुपए



 परिवादी का फूफा बन एसीबी ने पूछा, दलाल बोला, आयोग सदस्य संगीता को देंगे रुपए

जयपुर . राज्य घुमंतू जाति बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष गोपाल केसावत अपने को सरकार में ओएसडी बताता था। उसके दलाल ने परिवादी से रिश्वत लेने के लिए आरपीएससी सदस्य मंजू शर्मा के साथ संगीता आर्य का भी नाम लिया था। एसीबी के उप अधीक्षक राजेश जांगिड़ ने जब परिवादी का फूफा बनकर दलाल अनिल से पूछा कि रुपए किसको दोगे..। दलाल ने जवाब दिया कि संगीता आर्य को देंगे।


एसीबी की एफआईआर में लिखा है कि परिवादी से पूर्व मुख्य सचिव निरंजन आर्य की पत्नी आरपीएससी सदस्य संगीता आर्य के अलावा मंजू शर्मा तथा एक अन्य व्यक्ति सुरजीत मल के नाम से भी रुपए मांगे थे। केसावत दलालों को इन सभी से अपनी अच्छी जानकारी बताता था। एफआईआर में लिखा है कि केसावत का आरपीएससी में किस-किससे संपर्क है, इसकी जांच की जानी है। किस सदस्य से नौकरी लगवाने के नाम पर बात की या चैट के माध्यम से सम्पर्क किया। इसका खुलासा कर आरपीएससी की परीक्षाओं में चल रही धांधली का पर्दाफाश करने के लिए केसावत के मोबाइल की जांच करना जरूरी है। आगे की चेन इस पड़ताल के बाद ही सामने आएगी।


डीजी एसीबी ने यह दिए जवाब...

Q एसीबी ने किस आधार पर 2 दिन में जांच कर आरपीएससी को क्लीन चिट दे दी?

क्लीन चिट नहीं, दो दिन की जांच में आरपीएससी के किसी सदस्य, अधिकारी व कर्मचारियों की मिलीभगत सामने नहीं आना बताया था। अब भी यह बात कह रहा हूं। अनुसंधान जारी है। लेकिन दो दिन में कैसे किया...यह भी अनुसंधान का विषय है और आपको नहीं बता सकते।


Q आयोग सदस्य का नाम एफआईआर में कैसे आया

एसीबी मेें परिवादी लिखित में शिकायत देते हैं। उस शिकायत पर एफआइआर दर्ज करते हैं। इसमें भी परिवादी ने जो शिकायत दी थी, वहीं दर्ज की है। तथ्य जांच में सामने आ जाएंगे।


Q जांच किसको सौंपी है, आरोपियों की कॉल डिटेल व आरपीएससी में आने-जाने वाले रिकॉर्ड की जांच होगी?

जांच एएसपी विजय सिंह मीना करेंगे। जांच क्या करनी है, इसकी पहले से सूची तैयार नहीं होती है। जांच में जो भी सामने आएगा, उसकी तस्दीक हम करेंगे।


सीकर . राज्य घुमंतू जाति कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष गोपाल केसावत के मोबाइल से कई राज खुले हैं। केसावत ने पिछले तीन साल से भी अधिक समय से दलालों के जरिए अभ्यर्थियों को पास करवाने के नाम पर रुपए लिए हैं। एसीबी ने केसावत व उसके सहयोगियों के वॉट्सऐप की चैटिंग, पेपर, परमिशन लेटर, ओएमआर शीट तथा फोन कॉल को रिकॉर्ड में लिया है। वॉट्सऐप चैटिंग में हाईकोर्ट एलडीसी पेपर होने की बात कहकर पास कराने की भी बात सामने आ रही है। केसावत भर्ती कराने के लिए अभ्यर्थियों के जानकारों को ओएमआर सीट के नंबर बता कर तय रकम का आधा हिस्सा परीक्षा से पहले ले लेता था।


परिवादी एडवोकेट हरदीपसिंह सुंदरिया ने बताया कि आरोपी अनिल कुमार धरेन्द्र से सुंदर ने पुष्टि करने के लिए पूछा कि मेरी बहन ने भी पेपर दिया है उसको भी पास करवा दो। आरोपी ने चैक करके बताया कि पास कहां से करवां दें, आपकी बहन ने तो परीक्षा ही नहीं दी। दोनों परिवादियों को आरोपी अनिल पर पूर्ण विश्वास हो गया क्योंकि परिवादी सुंदर की बहन ने वास्तव में परीक्षा दी ही नहीं थी।


दलाल...

वॉट्सऐप पर ओएमआर सीट, परमिशन लेटर भी

एक अन्य चैटिंग में गोपाल केसावत का जानकार रविंद्र वॉट्सऐप पर लिख रहा है कि सीएचओ में जुगाड़ हो रहा है, अपने भांजे का हो गया है, अपना कोई हो तो बता देना सर।


आरोपी केसावत ट्रांसफर भी करवाता था

आरोपी गोपाल केसावत ट्रांसफर करवाने के काम भी करता था जो कि चैटिंग में आ रहा है। एक चैटिंग में केसावत का सहयोगी कह रहा है कि सर क्या हुआ, उन दोनों का, सीएस साहब से मिले क्या। 2.50 तैयार हैं। केसावत लिखता है भिजवा दो कंफर्म हैं। इस पर सहयोगी लिखता है कि ऑर्डर होने से पहले नहीं देंगे। ऑर्डर होते ही मिल जाएंगे, उन्होंने थर्ड पार्टी के पास रखे हैं।


इनका कहना है

हमें मोबाइल से वॉट्सएप चैटिंग सहित अन्य कॉल डिटेल मिली है जिन्हें फाइल में अटैच किया गया है। मामले की जांच विजयसिंह कर रहे हैं। अब इस मामले में में वे ही कुछ बता सकते हैं।-राजेश जांगिड़, डिप्टी एसीबी चौकी सीकर


आवासन मंडल की सीधी भर्ती की डिटेल भी मिली

केसावत व उसके दलालों के मोबाइल से जून 2023 की राजस्थान आवासन मंडल की भर्ती के विभिन्न पदों की जानकारी व इसमें लगवाने की चैटिंग भी मिली है। आवासन मंडल में कंप्यूटर ऑपरेटर, डेटा एंट्री, परियोजना अभियंता कनिष्ठ सिविल डिग्री, परियोजना अभियंता विद्युत डिग्री, वरिष्ठ व कनिष्ठ प्रारूपकार, विधि सहायक सहित अन्य पदों पर भर्ती करवाने की चैटिंग व दस्तावेज मिले हैं।


ओएमआर शीट देखकर पास कराने की कीमत तय करता था

मोबाइल में केसावत व दलाल की चैट मिली है। जिसमें दलाल केसावत को लिख रहा है कि सर मीटिंग के लिए टाइम चाहिए, आरपीएससी वाले मैटर में। दूसरे दलाल ने लिखा कि सर इन दो के ओएमआर नंबर भेजो। 16 तो अभी तैयार हैं, 10 बच्चे और हैं। 80 लाख एडवांस दिला दूंगा। केसावत ने लिखा आधा जमा करवा दो। दलाल ने लिखा इनके ओएमआर नंबर मिलते ही 80 लाख मिल जाएंगे। इस पर केसावत ने ओके लिख दिया।


पहले जेल, अब लिया रिमांड पर

मामले में एसीबी की किरकिरी होने के बाद सोमवार को अनुसंधान अधिकारी ने गोपाल केसावत सहित चारों आरोपियों को कोर्ट में आवेदन देकर जेल से प्रॉडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया और आरोपियों को तीन दिन के रिमांड पर लिया।


परिवादी का फूफा बन एसीबी ने पूछा, दलाल बोला, आयोग सदस्य संगीता को देंगे रुपए Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

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