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शनिवार, 8 जुलाई 2023

शिक्षा के मंदिरों में चल रहा पैसों का 'खेल', धड़ल्ले से हो रहे डमी एडमिशन



 शिक्षा के मंदिरों में चल रहा पैसों का 'खेल', धड़ल्ले से हो रहे डमी एडमिशन

सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में इन दिनों प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिसको लेकर शिक्षा विभाग द्वारा नामांकन एवं प्रवेश प्रक्रिया के लिए गाइडलाइन भी जारी की जा चुकी है। लेकिन कुछ शैक्षणिक संस्थान डमी एडमिशन देकर बच्चों के साथ तो धोखा कर रहे है, वहाँ नियमों के खिलाफ जाकर शिक्षा विभाग को भी ठेंगा दिखा रहे है और इधर शिक्षा विभाग भी कार्रवाई के नाम पर केवल मौन साधे हुए है। गौरतलब है कि 26 जून से इस सत्र के लिए राजकीय विद्यालयों सहित गैर सरकारी विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी यह जुलाई के अंत तक चलेगी। कई निजी शैक्षणिक संस्थाएं, जिनके पास माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय स्तर की मान्यता नहीं है। लेकिन बावजूद वे नियमों की अनदेखी करते हुए डमी एडमिशन के रूप में कक्षा नवीं, दसवीं में प्रवेश दे रहे हैं। अभिभावक भी शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता सबंधा पत्रावलियां नहीं देख रहे है। सीधे हो बच्चों को घोर अंधकार में धकेल रहे है जिसका  खामियाजा विद्यार्थियों को भी आगामी समय में उठाना पड़ सकता है


कोचिंग संस्थान भी कूट रहे चांदी

डमी बच्चे का दाखिला स्कूल में होता है और बच्चा उस स्कूल में आने की बजाय बाहर किसी ट्यूशन इंस्टीट्यूट से पढ़ाई करता है। उसकी हाजिरी स्कूल में जरूर लगती है। इसकी एवज में अभिभावक स्कूल को सामान्य से अधिक पैसे देते हैं और ट्यूशन इंस्टीट्यूट को अलग से पैसे देते हैं। इसमें अभिभावक इसलिए खुश हो जाते हैं कि उनके बच्चे को स्कूल को नियमित पढ़ाई की बजाय एक अच्छे इंस्टीट्यूट से शिक्षा मिलती है और बच्चा उनका बाकी विद्यार्थियों से ज्यादा नंबर लेकर पास हो रहा है। अधिकतर निजी स्कूलों में मेरिट लाने वाले बच्चे ऐसे ही इंस्टीट्यूट में पढ़ते हैं। जानकारों की मानें तो अब कुछ सरकारी स्कूल के बच्चे भी इसी तरह की जाएगी। शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं क्योंकि सरकारी मैं फीस न के बराबर है।


मान्यता आठवीं की, प्रवेश 9वीं से 10वीं तक

जिले के कई ऐसी गैर सरकारी संस्थाएं हैं जिनके पास मान्यता तो केवल आठवीं तक की है, लेकिन नियमों को धता बताते हुए एवं शिक्षा विभाग की गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाते हुए नवी एवं दसवीं में प्रवेश दिए जा रहे है। ऐसे ही जिन शैक्षणिक संस्थानों के पास माध्यमिक स्तर की मान्यता है। ये संस्थाएं 11वीं एवं 12वीं में विद्यार्थियों को डमी एडमिशन के रूप में प्रवेश दे रहे हैं। जिन्हें कोई रोकने वाला नहीं है।


दूसरे विद्यालयों से कर रहे करार

जिन शैक्षणिक संस्थानों के पास मिडिल स्तर की मान्यता है ऐसे दर्जनों गैर सरकारी विद्यालय अन्य गैर सरकारी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के संचालकों से करार कर बच्चों को उनके संस्थानों में डमी एडमिशन दे रहे हैं। जानकारी के मुताबिक कहीं राजकीय विद्यालय के विद्यार्थी भी डमी एडमिशन के रूप में गैर सरकारी विद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं


इनका कहना है.

फिलहाल ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। यदि ऐसा मामला सामने आता है तो संबन्धित विद्यालय पर कारवाई-महावीर शर्मा , जिला शिक्षा अधिकारी भीलवाड़ा

शिक्षा के मंदिरों में चल रहा पैसों का 'खेल', धड़ल्ले से हो रहे डमी एडमिशन Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

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