RBSE: दसवीं बोर्ड में 5 प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे:बोर्ड ने दसवीं कक्षा के मॉडल क्वेश्चन पेपर जारी किए
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं की 2023 की मुख्य परीक्षा तैयारी के लिए मॉडल प्रश्नपत्र जारी किए हैं। सभी अनिवार्य विषयों में 5 प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे, लेकिन इनमें अलग-अलग पेपरों में प्रश्नों की प्रतिशत अलग-अलग रहेगी। यह खुलासा बोर्ड द्वारा जारी मॉडल प्रश्नपत्रों के विश्लेषण में हुआ है। कक्षा 10 में हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गणित और तृतीय भाषा के पेपर होंगे। परीक्षा 100 अंकों की होगी। इसमें लिखित परीक्षा के सभी पेपर 80-80 अंकों के होंगे। इन पेपरों को हल करने के लिए 3.15 घंटे का समय मिलेगा। शेष 20 अंक सत्रांक के स्कूल उपलब्ध कराएंगे।
वस्तुनिष्ठ, अति लघुत्तरात्मक और लघुत्तात्मक प्रश्नों पर रहेगा फोकस
विशेषज्ञों का कहना है कि कक्षा 10वीं के परीक्षार्थियों की मानसिक व बौद्धिक क्षमता को देखते हुए प्रश्नपत्रों में वस्तुनिष्ठ, अति लघुत्तरात्मक तथा लघुतात्मक प्रश्नों की अधिकता रहेगी। प्रश्नों का प्रतिशत भी इनका ही अधिक रहेगा। निबंधात्मक और दीर्घा उत्तरीय प्रकार के प्रश्न कम पूछे जाएंगे। अलग-अलग विषयों में उपयोगिता के अनुसार कुछ प्रश्नों को अधिक प्रतिशत में जगह दी गई है।
100 में से 36 प्रतिशत वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न : बोर्ड के द्वारा जारी मॉडल प्रश्नपत्रों में जानकारी दी गई है कि हिंदी, गणित और विज्ञान में वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न 36% आएंगे, जबकि सामाजिक विज्ञान में वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्नों का प्रतिशत 24% है। अति लघुत्तरात्मक प्रश्नों की प्रतिशतता हिंदी विज्ञान और गणित में 24% है, जबकि सामाजिक विज्ञान में यह 36% आएंगे। लघुत्तरात्मक प्रकार के प्रश्न सभी पेपरों में 26% रहेंगे। इधर, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और गणित में दीर्घ उत्तरीय प्रश्न आठ प्रतिशत और निबंधात्मक प्रश्न 6% रहेंगे।
तृतीय भाषा उर्दू में लघुत्तरात्मक प्रश्न 52% से अधिक : उर्दू विषय में वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न 4.35 प्रतिशत, अति लघुत्तरात्मक प्रकार के प्रश्न 8.70% लघु उत्तरात्मक प्रकार के प्रश्न 52.17% दीर्घ उत्तरीय प्रकार के 26.08 तथा निबंधात्मक 8.70% प्रश्न पूछे जाएंगे। सिंधी भाषा, गुजराती भाषा और पंजाबी भाषा में इनका अलग प्रतिशत रहेगा।
प्रश्नों के पैटर्न में चेंज हुआ है: डॉ. चिश्ती
बोर्ड की 10वीं कक्षा में 20 साल पहले तक न्यू टाइप के प्रश्न पूछे जाते थे। इन्हें फिर बंद कर दिया गया था। कोविड के बाद प्रश्नों के पैटर्न में चेंज हुआ है। अब पेपर के माध्यम से परीक्षार्थी के ज्ञान, अवबोध, अभिव्यक्ति और मौलिकता को परखा जाता है। बोर्ड ने जो अलग-अलग प्रकार के प्रश्न पूछने के पीछे योजना बनाई है, उसकी मंशा यही है। -डॉ. शाहिद उल हक चिश्ती, शिक्षाविद, अजमेर

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