परिषद‍ीय विद्यालयों की अवकाश तालिका वर्ष 2025 देखें व करें डाउनलोड

👇Primary Ka Master Latest Updates👇

गुरुवार, 7 सितंबर 2023

शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य हासिल करने में शिक्षा विभाग की भूमिका अहम



 शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य हासिल करने में शिक्षा विभाग की भूमिका अहम

चूरू। नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का संचालन एवं क्रियान्वयन सुचारू रूप से एवं सफलता पूर्वक करने हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 की वार्षिक कार्य योजना के अन्तर्गत जिला, ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत एवं शहरी क्षेत्र स्तर पर साक्षरता के कार्य में लगे स्टेक होल्डर्स को कार्यक्रम की जानकारी देने, व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा क्षमतावद्र्धन करने हेतु जिला मुख्यालय स्थित सूचना केंद्र में एक दिवसीय आमुखीकरण योजना का आयोजन किया गया।


जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी ओम फगेड़िया ने नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के परिचय के साथ कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए उल्लास एप के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की और कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकता के अनुसार साक्षरता का अर्थ केवल पढ़ना, लिखना एवं सख्या ज्ञान ही नहीं है बल्कि साक्षरता किसी भी संदर्भ में दृश्य, लक्ष्य और डिजिटल सामग्री का उपयोग करके पहचानने, समझने, व्याख्या करने, बनाने, गणना करने और संचार की क्षमता है।


इस संदर्भ में असाक्षर (लर्नर) को आधारभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के साथ-साथ महत्वपूर्ण जीवन कौशल यथा वित्तीय साक्षरता, कानूनी साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, आपदा प्रबन्धन, व्यावसायिक कौशल, शिशु देखभाल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सम्बन्धित कठिनाइयों के प्रति जागरुकता, प्राथमिकता उपचार एवं सड़क यातायात दुर्घटना का प्रबंधन आदि की जानकारी भी होनी चाहिए। इसके अलावा लर्नर को बुनियादी साक्षरता व्यावसायिक कौशल विकास और सतत शिक्षा के लिए भी प्रेरित करना  होगा।


मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी जगबीर यादव ने कहा कि 2027 तक चूरू जिले को 100 प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य प्राप्त करने हेतु शिक्षा विभाग को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। जिला, ब्लॉक, पंचायत स्तर पर समुचित मॉनीटरिंग करते हुए स्वयंसेवी शिक्षकों के सहयोग से निरक्षरोें का सर्वे एवं चिन्हीकरण करके महत्वपूर्ण जीवन कौशल की जानकारी के साथ साक्षर बनाना होगा।


जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी कुमार अजय ने कहां कि जिले में असाक्षरता के अभिशाप को मिटाने के लिए नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को हम सब को मिलकर सफल बनाना होगा। प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर और परिवार को सबसे पहले शिक्षित करना होगा। यह एक सामाजिक कार्य है जिसमें प्रत्येक शिक्षित व्यक्ति को स्वयंसेवी शिक्षक की भूमिका निभाते हुए साक्षरता हेतु वातावरण निर्माण करना होगा।


दूसरे सत्र में केआरपी दिलीप चौधरी ने जिला स्तर पर साक्षरता कार्यालय, ब्लॉक स्तर पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी एवं ब्लॉक साक्षरता समन्वयक तथा पंचायत/शहरी स्तर पर पीईईओ/यूसीईईओ/साक्षरता प्रभारी शिक्षक/स्वयंसेवी शिक्षकों की भूमिका, दायित्वों और किये जाने वाले कार्यो की विस्तार से पीपीटी के माध्यम से जानकारी प्रदान की। इसके साथ ही उजास प्रवेशिका के सम्बन्ध में स्वयंसेवी शिक्षकों की भूमिका तथा सामाजिक चेतना केन्द्र एवं महत्वपूर्ण जीवन कौशल की जानकारी लर्नर को किस प्रकार दी जाये के बारे में दीक्षा पोर्टल के उपयोग करने की जानकारी दी।


तीसरे सत्र में सहायक परियोजना अधिकारी राजेन्द्र सिंह ने लर्नर पंजीयन फॉर्म तथा रिजल्ट सीट का डाटा इन्ट्री की प्रायोेगिक रूप से प्रोजेक्टर के माध्यम से जानकारी प्रदान की तथा प्रत्येक कॉलम में डाटा इन्ट्री करके बताया।


इसके साथ चिन्हित किये गये लर्नर स्वयंसेवी शिक्षक को उल्लास ऎप पर ऑनलाईन करने तथा लर्नर को स्वयंसेवी शिक्षक के साथ टैग करने की जानकारी प्रदान की। स्वयंसेवी शिक्षक के चयन और उनके द्वारा 200 घंटे अथवा 6 माह में पाठ्यक्रम को पूरा करने की जानकारी प्रदान की गई।


चतुर्थ सत्र में के.आर.पी. आशाराम ने उजास प्रवेशिका के चारों भागों जो लर्नर की सुविधा के हिसाब से तैयार किये गये हैं, की जानकारी दी तथा स्वयंसेवी शिक्षकों को प्रशिक्षित कर शिक्षण कार्य करवाये जाने की योेजना तैयार की गई।


अन्तिम सत्र में खुली चर्चा के दौरान नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के विभिन्न स्तरों पर आने वाली कठिनाइयों पर चर्चा करते हुए समाधान किया गया। कार्यशाला में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ओमदत्त सारण, संदीप व्यास, ओमप्रकाश देवठिया, भंवरलाल डूडी, अशोक पारीक, बाबूलाल बुनकर तथा बबलेश कुमार शर्मा तथा साक्षरता समन्वयक जयप्रकाश नारनोलिया, जेठाराम, सुरेन्द्र सिंगड़, मनीराम सारण, कल्पना, मुकेश जांगिड़, रामनिवास जांगिड़ तथा के.आर.पी. दिलीप चौधरी व आशाराम सहित प्रत्येक ब्लॉक से दो-दो संदर्भ व्यक्तियों ने भाग लिया। इस अवसर पर उमेद सिंह, धर्मेन्द तिवाड़ी, रोहित शर्मा, सुरेश कुमार, अशोक रूयल आदि सहयोगार्थ उपस्थित रहे।

शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य हासिल करने में शिक्षा विभाग की भूमिका अहम Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

0 Comments:

एक टिप्पणी भेजें