अलवर में छात्राओं संग बांध मे नहाते दिखा स्कूल प्रिंसिपल, गोद में उठाया… ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
अलवर जिले के एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल का नाबालिग छात्राओं के साथ बांध में नहाने का कथित आपत्तिजनक वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में भी आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्कूल पहुंचकर विरोध जताया और मामले में कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने सूचना मिलने के बाद स्कूल पहुंचकर प्रिंसिपल के बयान दर्ज किए हैं। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।जानकारी के अनुसार, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद स्कूल के प्रिंसिपल करीब 200 छात्र-छात्राओं को स्कूल से लगभग दो किलोमीटर दूर जंगल के रास्ते भड़ाज स्थित बांध पर लेकर गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान स्कूल के साथ कोई महिला शिक्षिका मौजूद नहीं थी। बच्चों को जंगल के रास्ते पैदल बांध तक ले जाया गया, जबकि इस क्षेत्र में टाइगर मूवमेंट की भी बात सामने आती रही है।
9वीं से 12वीं कक्षा की छात्राएं
वायरल वीडियो को लेकर ग्रामीणों का आरोप है कि प्रिंसिपल बांध में 9वीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं के साथ नहाते हुए दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि तैराकी सिखाने के बहाने प्रिंसिपल कुछ छात्राओं को गोद में उठा रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों ने इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और जांच की मांग की है।
हादसों की आशंका के बीच
ग्रामीणों के अनुसार बांध की पाल करीब 5 से 6 फीट चौड़ी है और यहां पहले भी बच्चों और युवकों के डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। हादसों की आशंका को देखते हुए पिछले करीब चार वर्षों से यहां लोगों के जाने पर पाबंदी होने की बात ग्रामीणों ने कही है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों को बांध तक ले जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
करीब 200 बच्चियों को बांध में उतारने का आरोप
बताया जा रहा है कि करीब 20 से 25 बड़ी बालिकाओं समेत लगभग 200 बच्चों को बांध में उतारा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए न तो लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई गई और न ही पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि कई बच्चों को तैरना तक नहीं आता था, ऐसे में उन्हें गहरे पानी में उतारना गंभीर लापरवाही हो सकती है।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
वीडियो सामने आने के बाद शनिवार को गुस्साए ग्रामीण स्कूल पहुंच गए और प्रिंसिपल को जमकर खरी-खोटी सुनाई। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की। घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम स्कूल पहुंची और प्रिंसिपल से पूरे घटनाक्रम को लेकर पूछताछ की।
पुलिस ने जांच शुरू कर दी है
पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी छात्र या छात्रा की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने उसके आधार पर जांच शुरू कर दी है। वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई दे रहे लोगों और पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
सवालों के घेरे में विभाग
मामला छात्राओं की सुरक्षा और स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी से जुड़ा होने के कारण शिक्षा विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि बांध पर बच्चों को ले जाने का उद्देश्य क्या था और वायरल वीडियो में लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है। पुलिस और शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।।
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