गूगलकोटा सरकारी स्कूल में खाना बनाते समय लगी आग: स्टाफ और ग्रामीणों ने जलता सिलिंडर तालाब में फेंका, हादसा टला
जिले के शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के गूगलकोटा गांव स्थित राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल में मंगलवार को खाना बनाते समय गैस सिलिंडर में अचानक आग लग गई। सिलिंडर से तेज लपटें उठती देख स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। उस समय विद्यालय में सैकड़ों बच्चे मौजूद थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शिक्षकों और कर्मचारियों ने ग्रामीणों की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
खाना बनाते समय लगी आग
जानकारी के अनुसार स्कूल में बच्चों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान गैस सिलिंडर में अचानक आग लग गई। कुछ ही देर में सिलिंडर से तेज लपटें निकलने लगीं। आग की जानकारी मिलते ही स्कूल स्टाफ ने बिना घबराए बच्चों को विद्यालय परिसर से बाहर निकालना शुरू कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य में सहयोग किया। बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बाद स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों ने आग को काबू करने के प्रयास शुरू किए।
जलता सिलिंडर तालाब में डाला
आग के बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों ने जलते हुए सिलिंडर को विद्यालय परिसर से बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसे पास के तालाब में डाल दिया गया। लोगों ने पानी के जरिए आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बताया गया कि सिलिंडर को तालाब में डालने के बाद भी काफी देर तक उसमें आग लगी रही। इस दौरान ग्रामीण और युवा मौके पर डटे रहे और आग को आसपास फैलने से रोकने की कोशिश करते रहे।
बड़ा हादसा टला
राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी बच्चे या स्टाफ सदस्य के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। समय रहते बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने और जलते सिलिंडर को स्कूल भवन से दूर ले जाने से बड़ा हादसा टल गया। अन्यथा यदि सिलिंडर के आसपास मौजूद सामान और विद्यालय भवन इसकी चपेट में आते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
घटना के बाद स्कूल में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। इस घटना ने विद्यालयों में खाना पकाने के दौरान गैस सिलिंडर की सुरक्षा, नियमित जांच और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में सैकड़ों बच्चे पढ़ते हैं, ऐसे में रसोईघर में गैस सिलिंडर के इस्तेमाल के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं। साथ ही स्कूल स्टाफ को आग जैसी आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण और परिसर में जरूरी अग्निशमन उपकरण उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें