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गुरुवार, 20 अगस्त 2026

UGC NET 2026: 67 सवालों से लेकर पेपर की गलतियों तक, क्यों करानी पड़ी 3 विषयों की दोबारा परीक्षा?

 


UGC NET 2026: 67 सवालों से लेकर पेपर की गलतियों तक, क्यों करानी पड़ी 3 विषयों की दोबारा परीक्षा?

UGC NET 2026: जून में आयोजित यूजीसी नेट परीक्षा के तीन विषयों को लेकर उठे सवाल अब दोबारा परीक्षा तक पहुंच गए हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के पेपर फिर से कराने का फैसला किया है। इन तीनों विषयों की परीक्षा 9 और 10 सितंबर 2026 को होगी। खास बात यह है कि दोबारा परीक्षा के लिए उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।मामला सिर्फ कुछ सवालों में गलती तक सीमित नहीं रहा। जांच में प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी कई खामियां मिलीं। कुछ जगह विद्वानों के नाम गलत लिखे गए, किताबों के शीर्षक में गड़बड़ी थी और प्रश्नों की भाषा में भी गलतियां पाई गईं। इसके अलावा पहले पूछे जा चुके कई सवाल दोबारा शामिल होने की बात भी सामने आई। इन परिस्थितियों में NTA ने माना कि केवल कुछ प्रश्न हटाकर परीक्षा को ठीक नहीं किया जा सकता।

3 विषयों के लिए फिर होगी UGC NET परीक्षा

NTA ने 16 अगस्त को जारी सार्वजनिक सूचना में बताया कि जून 2026 की UGC NET परीक्षा 22 से 30 जून के बीच 87 विषयों में आयोजित की गई थी। परीक्षा का उद्देश्य जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए पात्रता और पीएचडी में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों की योग्यता तय करना था।इन्हीं 87 विषयों में इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के प्रश्नपत्रों को लेकर कई शिकायतें मिली थीं। इसके बाद एक समिति बनाई गई। समिति की जांच में कई स्तर पर खामियां सामने आने के बाद इन तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने की सिफारिश की गई।

UGC NET Re-Exam 2026 की तारीख

विषयपरीक्षा की तारीखसमय
इंग्लिश9 सितंबर 2026सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक
कॉमर्स9 सितंबर 2026दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक
सोशियोलॉजी10 सितंबर 2026सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक

NTA के मुताबिक परीक्षा शहर, केंद्र और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी अलग से जारी की जाएगी।

प्रश्नपत्र में आखिर कितनी गड़बड़ी मिली?

NTA की जांच में तीनों प्रश्नपत्रों में कई तरह की त्रुटियां सामने आईं। इनमें तथ्यात्मक गलती, टाइपिंग की गलती, अनुवाद की समस्या, नामों की गलत वर्तनी, किताबों के शीर्षक में गड़बड़ी, प्रश्नों की भाषा में त्रुटि, व्याकरण संबंधी गलतियां और विराम चिह्नों की समस्याएं शामिल थीं। कुछ स्थापित अवधारणाओं के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल भी मिला जिन्हें सामान्य अकादमिक भाषा में इस्तेमाल नहीं किया जाता।सबसे ज्यादा चर्चा इंग्लिश के पेपर को लेकर हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक 150 में से 67 सवाल ऐसे थे जो पहले पूछे जा चुके सवालों से हूबहू या बेहद करीब मेल खाते थे। शिकायतों में यह भी कहा गया कि कुछ सवालों में विकल्पों का क्रम तक नहीं बदला गया था। जांच समिति ने भी पहले पूछे गए कई प्रश्नों के दोहराव की पुष्टि की।सोशियोलॉजी के पेपर में भी नाम और शब्दों को लेकर कई गलतियां सामने आईं। प्रसिद्ध समाजशास्त्रियों के नाम गलत लिखे जाने से लेकर प्रश्नों की भाषा और अनुवाद तक पर उम्मीदवारों ने सवाल उठाए थे।

AI को लेकर भी उठे सवाल

तीन विषयों के पेपर में गड़बड़ियों के बीच प्रश्नपत्र तैयार करने में AI के इस्तेमाल को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। कुछ विशेषज्ञों और सूत्रों ने सवाल उठाया कि क्या प्रश्न तैयार करने की प्रक्रिया में तकनीक का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल हुआ।हालांकि इस दावे को NTA ने खारिज किया है। एजेंसी की ओर से कहा गया है कि प्रश्नपत्र तैयार होने के बाद उसका मानवीय विशेषज्ञों द्वारा पूरा परीक्षण किया गया था। यानी फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि इन तीनों पेपरों की गलतियों की वजह AI ही थी। यह दावा विवाद का हिस्सा है, जबकि NTA का आधिकारिक फैसला प्रश्नपत्रों में पाई गई त्रुटियों और दोहराए गए सवालों की जांच पर आधारित है।यही अंतर उम्मीदवारों के लिए समझना जरूरी है। AI को लेकर आरोप और NTA की आधिकारिक जांच रिपोर्ट एक ही बात नहीं हैं। दोबारा परीक्षा कराने का आधिकारिक आधार प्रश्नपत्रों में मिली गंभीर खामियां हैं।

बाकी 84 विषयों का क्या होगा?

यह सवाल उन उम्मीदवारों के लिए सबसे अहम है जिन्होंने बाकी 84 विषयों में UGC NET जून 2026 की परीक्षा दी है। NTA ने साफ किया है कि इन तीन विषयों की दोबारा परीक्षा होने से बाकी 84 विषयों के परिणाम की प्रक्रिया नहीं रुकेगी।NTA के अनुसार 84 विषयों के लिए आंसर-की चैलेंज प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है और इनके परिणाम निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार घोषित किए जाएंगे। इन उम्मीदवारों के JRF आवंटन और असिस्टेंट प्रोफेसर पात्रता तथा पीएचडी प्रवेश से जुड़े ई-सर्टिफिकेट की प्रक्रिया भी इन तीन विषयों के दोबारा पेपर की वजह से नहीं रोकी जाएगी।

तीन विषयों का रिजल्ट कब आएगा?

इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के उम्मीदवारों को रिजल्ट के लिए सितंबर की दोबारा परीक्षा का इंतजार करना होगा। पहले इन तीनों विषयों की परीक्षा होगी और उसके बाद उनके परिणाम की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।बाकी 84 विषयों के उम्मीदवारों को इसके लिए इंतजार करने की जरूरत नहीं है। उनका परिणाम अलग प्रक्रिया के तहत जारी किया जाएगा। इससे UGC NET 2026 का रिजल्ट दो अलग चरणों में सामने आने की स्थिति बन रही है।

री-एग्जाम देने वालों को नहीं देनी होगी फीस

तीनों विषयों के उम्मीदवारों के लिए एक राहत की बात है। NTA ने स्पष्ट किया है कि दोबारा परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। उम्मीदवारों को केवल परीक्षा की नई तारीख, शहर, केंद्र और एडमिट कार्ड से जुड़ी आगे की सूचना का इंतजार करना है।अब इन उम्मीदवारों के लिए सबसे जरूरी है कि वे सितंबर की परीक्षा को ध्यान में रखकर तैयारी जारी रखें। पुरानी परीक्षा में हुई गलतियों के बाद इस बार प्रश्नपत्र की शुद्धता और परीक्षा की निष्पक्षता पर स्वाभाविक रूप से ज्यादा नजर रहेगी।UGC NET जैसी परीक्षा में एक-एक सवाल उम्मीदवार के JRF, असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता और आगे की शैक्षणिक यात्रा पर असर डाल सकता है। इसलिए तीन विषयों की दोबारा परीक्षा सिर्फ एक री-एग्जाम नहीं है, बल्कि उन उम्मीदवारों के लिए दोबारा निष्पक्ष मौका है जिन्हें जून की परीक्षा में प्रश्नपत्र की खामियों का सामना करना पड़ा था।

UGC NET 2026: 67 सवालों से लेकर पेपर की गलतियों तक, क्यों करानी पड़ी 3 विषयों की दोबारा परीक्षा? Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

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