UP Teacher Adjustment 3.1: 10 जिलों की रिपोर्ट कोर्ट में पेश, आपत्ति न करने वाले शिक्षकों के समायोजन का रास्ता साफ
लखनऊ/प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में चल रही समायोजन 3.1 प्रक्रिया को लेकर सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में अहम अपडेट सामने आया है। सरकार की ओर से 10 जिलों की रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष पेश की गई। इनमें हमीरपुर, रायबरेली, रामपुर, सहारनपुर, देवरिया, महाराजगंज और संभल समेत तीन अन्य जिलों की रिपोर्ट शामिल बताई गई है।सुनवाई में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि जिन शिक्षकों ने समायोजन से संबंधित कोई आपत्ति नहीं दर्ज कराई है, उनके समायोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। वहीं, जिन शिक्षकों ने आपत्ति दाखिल की है, उनके मामलों में संबंधित रिपोर्ट और न्यायालय के निर्देश के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
10 जिलों की रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत
समायोजन 3.1 के तहत सरप्लस शिक्षकों की सूची को लेकर लंबे समय से न्यायालय में सुनवाई चल रही है। जुलाई में हाईकोर्ट ने सरप्लस घोषित शिक्षकों को आपत्ति दाखिल करने का अवसर दिया था। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 31,685 शिक्षकों को सरप्लस के रूप में चिह्नित किया गया था और आपत्ति दाखिल करने के लिए 27 जुलाई तक का अवसर दिया गया था।अमर उजाला ने भी अपनी रिपोर्ट में बताया था कि सरप्लस घोषित शिक्षकों को सूची में दर्ज आंकड़ों, वरिष्ठता अथवा चयन प्रक्रिया को लेकर आपत्ति दर्ज करने का अवसर दिया गया था। ऐसे मामलों में प्राप्त आपत्तियों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जानी थी।अब सोमवार की सुनवाई में सरकार की ओर से 10 जिलों की रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की गई। इनमें हमीरपुर, रायबरेली, रामपुर, सहारनपुर, देवरिया, महाराजगंज और संभल के साथ तीन अन्य जिले शामिल बताए गए हैं।
आपत्ति नहीं करने वाले शिक्षकों को राहत
सुनवाई के दौरान आपत्ति न देने वाले शिक्षकों के समायोजन को लेकर कोर्ट से हरी झंडी मिलने की जानकारी सामने आई है। इससे संबंधित शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है।यह पहली बार नहीं है जब बिना आपत्ति वाले शिक्षकों को लेकर न्यायालय ने रास्ता साफ किया है। इससे पहले भी अलग-अलग जिलों की रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद बिना आपत्ति वाले शिक्षकों के समायोजन को लेकर न्यायालय से अनुमति मिलने की जानकारी सामने आती रही है। 18 अगस्त की सुनवाई से जुड़ी रिपोर्ट में औरैया, अयोध्या, एटा, मऊ, बरेली, बुलंदशहर, बलिया और बागपत समेत आठ जिलों के बिना आपत्ति वाले शिक्षकों के समायोजन की अनुमति की जानकारी दी गई थी।
आपत्ति वाले शिक्षकों पर अभी फैसला बाकी
जिन शिक्षकों ने समायोजन सूची के खिलाफ आपत्ति दर्ज की है, उनके मामलों की स्थिति अलग रहेगी। इन शिक्षकों की आपत्तियों और संबंधित जिलों की रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय आगे निर्णय लेगा।ऐसे में आपत्ति करने वाले शिक्षक अभी अपने मामले में अंतिम आदेश का इंतजार करें। केवल बिना आपत्ति वाले शिक्षकों के लिए मिली अनुमति को सभी शिक्षकों पर लागू नहीं माना जा सकता।
3 सितंबर को फिर होगी सुनवाई
समायोजन 3.1 मामले में अब अगली सुनवाई 3 सितंबर 2026 को होगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सुनवाई का समय दोपहर 12:45 बजे निर्धारित किया गया है।अगली सुनवाई में अन्य जिलों की रिपोर्ट और आपत्ति वाले शिक्षकों के मामलों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल 10 जिलों की रिपोर्ट पेश होने और बिना आपत्ति वाले शिक्षकों के समायोजन का रास्ता खुलने को आज की सुनवाई का प्रमुख अपडेट माना जा रहा है।
शिक्षकों को क्या करना चाहिए?
समायोजन से जुड़े शिक्षक अपने जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय तथा बेसिक शिक्षा विभाग के आधिकारिक आदेशों पर नजर रखें। कोर्ट की सुनवाई के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ने की अनुमति मिलना अलग बात है और जिला स्तर पर वास्तविक समायोजन आदेश जारी होना अलग।इसलिए विद्यालय आवंटन अथवा कार्यमुक्ति से संबंधित अंतिम स्थिति के लिए संबंधित विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश का इंतजार करना उचित होगा।अगली सुनवाई 3 सितंबर को होने के कारण अब समायोजन 3.1 से जुड़े शिक्षकों की नजर हाईकोर्ट की अगली कार्यवाही पर रहेगी।
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