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मंगलवार, 18 अप्रैल 2023

सरकारें तबादला नीति नहीं बना सकी, इसलिए 12 साल में सिर्फ दो बार हुए ट्रांसफर, सीकर के 5 हजार ग्रेड थर्ड शिक्षकों को गृह जिले में आने का इंतजार

 

सरकारें तबादला नीति नहीं बना सकी, इसलिए 12 साल में सिर्फ दो बार हुए ट्रांसफर, सीकर के 5 हजार ग्रेड थर्ड शिक्षकों को गृह जिले में आने का इंतजार


करीब एक दशक से गृह जिलों में जाने की बाट जोह रहे तृतीय श्रेणी शिक्षकों में ट्रांसफर नहीं होने से निराशा है। इस श्रेणी के शिक्षकों के तबादले पिछले 12 साल में केवल दो बार हुए हैं। करीब 20 माह पहले 85 हजार शिक्षकों ट्रांसफर के आवेदन लेना वाला विभाग खामोशी की चादर ओढ़े हुए है।हालात ये है कि इन श्रेणी के शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए सभी शिक्षक संघ किसी न किसी रूप में आंदोलित हैं। शिक्षक जनप्रतिनिधियों पर दबाव भी बनाए हुए हैं, इसलिए रविवार को एक कार्यक्रम में कांग्रेस सरकार के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने खुले मंच से शिक्षा मंत्री को कह डाला कि जल्द तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले नहीं किए गए तो 13 जिलों में सफाया हो जाएगा।


प्रदेश के करीब 2.5 लाख शिक्षक तबादला पाॅलिसी नहीं बनने से उलझन में हैं। कोई अंतरजिला ट्रांसफर का इंतजार कर रहा है तो कोई गृह जिले में आने का। बतादें कि सीकर जिले के करीब पांच हजार से ज्यादा शिक्षक दूसरे जिलों में हैं, जो गृह जिले में आना चाहते


शिक्षक संघों की चेतावनी; सरकार ने जल्द ही ट्रांसफर नहीं किए तो आरपार की लड़ाई होगी

तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों के लिए शिक्षक संघ शेखावत, राष्ट्रीय, रेसटा सहित अन्य संगठन आंदोलित है। उनका कहना है कि राज्य सरकार ने जल्द ही ट्रांसफर पॉलिसी नहीं बनाई तो वे आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।शिक्षक संघ शेखावत के प्रदेश महामंत्री उपेंद्र शर्मा का कहना है कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के ट्रांसफर सहित तीन सूत्री मांगों को लेकर पिछले 26 जनवरी से संघ आंदोलित है। संभागवार प्रदर्शन चल रहा है। जल्द ही बीकानेर से जयपुर तक पैदल मार्च निकाला जाएगा।


शिक्षक संघ रेस्टा के प्रदेशाध्यक्ष मोहरसिंह सलावद का कहना है कि अगस्त 2021 में विभाग की ओर से शाला दर्पण के माध्यम से करीब 85 हजार से अधिक तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण के आवेदन भी ले लिए गए। मार्च 2021 में टीएसपी जिलों में कार्यरत 2500 से अधिक अध्यापकों से भी सामान्य जिला में जाने के समायोजन आवेदन पत्र भरवाए गए, लेकिन अभी तक तबादला सूची नहीं निकली। शिक्षक संघों की मांग है कि राज्य में रीट भर्ती से चयनित शिक्षकों को पदस्थापन करने से पूर्व तृतीय श्रेणी शिक्षक, प्रबोधक व शारीरिक शिक्षकों से आवेदन लेकर या पूर्व में किए आवेदन के अनुसार स्थानांतरण किए जाएं। तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए स्थायी तबादला नीति बनाई जाए।


24 को जयपुर में शिक्षक संघ राष्ट्रीय का प्रदर्शन

शिक्षक संघ राष्ट्रीय के संभागीय संयुक्त मंत्री राजवीरसिंह राठौड़ का कहना है कि तबादलों को लेकर पूरे प्रदेश में मांग पत्र दिए जा रहे हैं। अब 24 अप्रैल को जयपुर में प्रदर्शन कर मांग पत्र सौंपा जाएगा।तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले के लिए विभाग की ट्रांसफर पॉलिसी बनी हुई है। तबादलों पर फिलहाल बैन है। बैन हटते ही पाॅलिसी के अनुसार तबादले किए जाएंगे।-डॉ. बीडी कल्ला, शिक्षा मंत्री

सरकारें तबादला नीति नहीं बना सकी, इसलिए 12 साल में सिर्फ दो बार हुए ट्रांसफर, सीकर के 5 हजार ग्रेड थर्ड शिक्षकों को गृह जिले में आने का इंतजार Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

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