आरटीई में पढ़ने वाले कक्षा 9 व 11 के विद्यार्थी बदल सकेंगे स्कूल
- प्राइवेट स्कूल पोर्टल पर पंजीकृत दूसरे स्कूल में ले सकेंगे प्रवेश
- विषय नहीं मिलने पर कक्षा 11 में बदला जा सकेगा स्कूल
सीकर. आरटीई के तहत कक्षा कक्षा 9 में प्रवेश पाने वाले विद्यार्थी स्कूल भी बदल सकेंगे। वे प्राइवेट स्कूल पोर्टल पर पंजीकृत अन्य निजी स्कूल का चयन कर सकेंगे। पर इसके बाद उन्हें कक्षा 12 तक उसी स्कूल में पढऩा होगा। हालांकि इच्छानुसार विषय नहीं मिलने पर कक्षा 11 में भी उन्हें स्कूल बदलने की छूट होगी। मुख्यमंत्री द्वारा आरटीई के तहत प्रवेशित विद्यार्थियों की कक्षा 9 से 12 तक की शिक्षा भी निशुल्क करने की बजट के बाद जारी सरकारी गाइडलाइन में इसका जिक्र किया गया है।
दो किश्तों में सीधे खातों में आएगी पुनर्भरण राशि
विद्यार्थियों की निशुल्क पढ़ाई की एवज में स्कूल को मिलने वाली फीस की राशि विद्यार्थियों के खातों में आएगी। ये राशि दो किश्तों में डीबीटी के जरिये जनाधार से लिंक खाते में जारी होगी। जिसकी पहली किश्त भौतिक सत्यापन के बाद सत्र के प्रारंभ में तथा दूसरी किश्त सत्र की पूरी पढ़ाई के बाद जारी होगी।
यूनिट कॉस्ट देगी सरकार, फेल होने पर रुकेगी राशि
सरकार पुनर्भरण राशि के लिए एक यूनिट कॉस्ट तय करेगी। यही राशि विद्यार्थियों को पुनर्भरण के रूप में दी जाएगी। यदि विद्यार्थी पहली किश्त लेने के बाद स्कूल छोड़ देगा तो उसे पुनर्भरण राशि की दूसरी किश्त नहीं मिलेगी। किसी कक्षा में फेल होने पर भी उसकी आगे की निशुल्क पढ़ाई बंद हो जाएगी।

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