स्कूल व्याख्याता को नोशनल परिलाभ देने के प्रतिवेदन को तय करने के दिए आदेश
सीकर. व्याख्याता सीधी भर्ती 2015 में देरी से नियुक्ति देने पर समान सेवा लाभ एवं नोशनल परिलाभ दिए जाने के मामलें से जुड़ी याचिका का उच्च न्यायालय ने निस्तारण कर शिक्षा निदेशक को सेवा नियमों एवं समान प्रकरणों में दिए न्यायिक निर्णयों के तहत तय करने के आदेश दिए है। जिले के गांव सिगदौला बड़ा की निवासी भगवती ढाका एवं अन्य ने अधिवक्ता संदीप कलवानिया के माध्यम से दायर की गई याचिका में बताया कि आरपीएसएसी ने वर्ष 2015 विभिन्न विषयों के लिए स्कूल व्याख्याता पद की भर्ती निकाली थी। प्रार्थियां ने भी भर्ती में आवेदन किया था।
भर्ती के लिए आयोजित की गई परीक्षा में प्रार्थियां का चयन हो गया लेकिन विभाग ने उसे देरी से नियुक्ति दी जबकि इसी भर्ती में अन्य चयनित अभ्यर्थियों को उनसे पहले ही नियुक्ति दे दी गई। इन्हें देरी से नियुक्ति दिए जाने के कारण उनसे पहले नियुक्ति ले चुके अभ्यर्थियों को मिल रही वार्षिक वेतन वृद्धि, वरिष्ठता सहित अन्य सेवा लाभ से वंचित होना पड़ा है। न्यायालय ने पूर्व में भी समान प्रकृति के प्रकरण मनोज खंडेलवाल बनाम स्टेट एवं अन्य, सुमन बाई बनाम स्टेट एवं अन्य में ऐसे अभ्यर्थियों को भी नोशनल लाभ -परिलाभ पाने का हकदार माना है। इसलिए प्रार्थी ने न्यायालय के समक्ष याचिका दायर कर समान भर्ती विज्ञापन में पहले नियुक्त हो चुके व्याख्याताओं के समान वार्षिक वेतन वृद्वि एवं वरिष्ठता के सभी नोशनल परिलाभ दिलाए जाने की गुहार लगाई थी।

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