वरिष्ठ अध्यापकों को पदोन्नति का इंतजार, उप प्रधानाचार्य बनने के बाद कई पद रिक्त
बांसवाड़ा. बांसवाड़ा सहित प्रदेश में हजारों वरिष्ठ अध्यापकों को पदोन्नति का इंतजार है। जिले में विभिन्न विषयों के 1900 से अधिक वरिष्ठ अध्यापक व्याख्याता बनने की राह देख रहे हैं, किंतु शिक्षा विभाग की बेपरवाही का आलम यह है कि तीन साल से विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक ही नहीं हुई है। वहीं व्याख्याताओं के उप प्रधानाचार्य बनने से भी पद रिक्त हो गए हैं।
लंबे समय से रिक्त पदों की समस्या झेल रहे शिक्षा विभाग में वर्तमान सत्र तो जैसे-तैसे निकल गया, किंतु डीपीसी नहीं होने से विभिन्न विषयों में आगामी सत्र में भी पद रिक्त रहने की आशंका विद्यार्थियों में है। जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग में प्रति वर्ष रिक्त होने वाले पदों के 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती व 50 प्रतिशत विभागीय पदोन्नति से भरने का प्रावधान है। इसके बावजूद माध्यमिक शिक्षा में वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता की पदोन्नति तीन वर्ष से नहीं हुई है। इससे व्याख्याताओं के रिक्त पदों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है।
विद्यालय क्रमोन्नत किए, पद नहीं
विभागीय जानकारी के अनुसार प्रदेश में लगभग साढ़े तीन हजार से अधिक विद्यालयों को उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत किया गया है। इसके बाद भी व्याख्याता के पदों की वित्तीय स्वीकृति अटकी है। ऐसा ही हाल उप्रावि से उमावि की क्रमोन्नति व पदों का है। कुछ माह पहले व्याख्याताओं के उप प्रधानाचार्य के पदों पर पदोन्नति से व्याख्याताओं के रिक्त पदों की संख्या भी बढ़ गई है। ऐसे में नए सत्र से पहले वरिष्ठ अध्यापकों की पदोन्नति नहीं होने से आगामी सत्र में उच्च माध्यमिक विद्यालयों में व्याख्याताओं की कमी का खमियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ेगा।
जिले में यह है स्थिति
विषय : वरिष्ठ अध्यापक
गणित : 235
विज्ञान : 319
अंग्रेजी : 423
हिन्दी : 364
सामाजिक : 185
संस्कृत : 407
ऊर्दू : 11
कुल : 1944
इनका कहना है
वरिष्ठ अध्यापकों की तीन साल से पदोन्नति नहीं हुई है। वहीं व्याख्याता उप प्रधानाचार्य बन गए। इससे उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययन वर्तमान सत्र में भी प्रभावित हुआ है। पदोन्नति नहीं होने पर आगामी सत्र में भी इसका असर पड़ेगा। इसे लेकर विभाग और सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं हो।
गमीरचंद पाटीदार, संभाग संगठन मंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय।

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