परिषद‍ीय विद्यालयों की अवकाश तालिका वर्ष 2025 देखें व करें डाउनलोड

👇Primary Ka Master Latest Updates👇

मंगलवार, 18 अप्रैल 2023

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड : एक लाख से अधिक विद्यार्थियों ने दी परीक्षा, नकल करते सिर्फ एक ही पकड़ा गया

 

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड :  एक लाख से अधिक विद्यार्थियों ने दी परीक्षा, नकल करते सिर्फ एक ही पकड़ा गया

नागौर. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं-बारहवीं कक्षा की परीक्षा में इस बार नकल का एक मामला ही पकड़ में आया । पादूकलां में दसवीं कक्षा का एक छात्र परीक्षा में अनुचित सामग्री का उपयोग करते धरा गया। इससे पहले लगातार तीन साल नागौर जिले में नकल का एक भी प्रकरण नहीं बना था।सूत्रों के अनुसार जिले में करीब एक लाख पांच हजार 704 विद्यार्थियों ने दसवीं व बारहवीं की परीक्षा दी थी। परीक्षा के दौरान पांच उडऩ दस्ते भी तैनात हुए थे। तेरह अप्रेल को खत्म हुई परीक्षा के बाद सामने आया कि पिछले तीन साल के नो-नकल का रेकॉर्ड इस बार टूट गया। पादूकलां में एक छात्र नकल करते पकड़ में आया। इसे भी बोर्ड की फ्लाइंग ने पकड़ा। वर्ष 2019-20, 2020-21 और 2021-22 में हुई राजस्थान बोर्ड परीक्षा में एक भी विद्यार्थी ने अनुचित सामग्री का प्रयोग नहीं किया था।


सूत्र बताते हैं कि पिछले दस साल से बोर्ड परीक्षा में नकल के मामले गिने-चुने ही सामने आए। पर्ची के साथ नकल करने का चलन भी लगभग पूरी तरह खत्म सा हो गया है। इन दस साल में दो दर्जन मामले ही नकल के पकड़े गए। दूसरी ओर कॉलेज परीक्षा में नकल के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है। अकेले मिर्धा कॉलेज में हर साल लगभग बीस हजार विद्यार्थी परीक्षा देते हैं। हर साल नकल के साठ-सत्तर मामले औसतन पिछले आठ वर्ष से पकड़ में आ रहे हैं। खास बात यह कि इनमें भी छात्राओं की संख्या एक चौथाई से अधिक है।


दसवीं-बारहवीं बोर्ड की परीक्षा भले ही खत्म हो गई पर पढ़ाई का तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया है। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य के लिए नया मुकाम तलाशने में जुट गए हैं। मेडिकल अथवा इंजीनियरिंग में जाने के लिए कोटा/जयपुर/सीकर भेजकर कोचिंग कराने का भी ट्रेंड चल रहा है। दसवीं बोर्ड की परीक्षा खत्म हुई नहीं कि दसवीं के रजत मीणा को कोचिंग के लिए कोटा भेज दिया गया। नीट की कोचिंग के साथ वो वहां ग्यारहवीं-बारहवीं की पढ़ाई करेगा। रजत की मां सरकारी टीचर हैं, जबकि पिता चिकित्सक। रजत के पिता डॉ महेंद्र सिंह मीणा का कहना है कि उसे मेडिकल फील्ड में भविष्य तलाशना है, इसलिए कोटा शिफ्ट कर दिया है। बारहवीं परीक्षा देने वाले छात्र नरेंद्र सिंह भी अगली तैयारी में जुट गए हैं। नरेंद्र के पिता एएसआई महावीर सिंह का कहना है कि बारहवीं के बाद ही स्टूडेंट को भविष्य की डगर चुननी होती है। लक्ष्मी, मीनाक्षी सहित कई ऐसी छात्राएं हैं जो सीकर/जयपुर जाकर कोचिंग में एडमिशन ले रही हैं।


ट्यूशन-कोचिंग सौ फीसदी

डुकोसी स्थित राउमावि के प्रिंसिपल मनीष पारीक का कहना है कि दसवीं-बारहवीं कक्षा के निजी स्कूल के तो अधिकांश बच्चे ट्यूशन-कोचिंग का सहारा लेते हैं। आगे भी नीट/जेईई के लिए कोचिंग/पढ़ाई के लिए कई बच्चे बड़े शहरों का रुख कर रहे हैं। असल में अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर ऐसा कर रहे हैं। हर साल दस-पंद्रह हजार बच्चे परीक्षा के बाद बड़े शहरों का रुख कर लेते हैं। नकल का टेंड अब दसवीं-बारहवीं की परीक्षा में ना के बराबर हो गया है।

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड : एक लाख से अधिक विद्यार्थियों ने दी परीक्षा, नकल करते सिर्फ एक ही पकड़ा गया Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

0 Comments:

एक टिप्पणी भेजें