सरकारी स्कूल में 10 फीसदी नामांकन बढ़ाना है, लेकिन 25 फीसदी तक शिक्षकों के पद खाली
चूरू। जिले के सरकारी स्कूलों में जुलाई से शिक्षा सत्र शुरू हो गया है। एक जुलाई से पढ़ाई शुरू हो गई है। प्रत्येक स्कूल को पिछले साल के कुल नामांकन का 10 फीसदी तक बढ़ाने का लक्ष्य मिला है, लेकिन सरकारी स्कूलों के हालात चौंकाने वाले हैं। जिले के स्कूलों में 25 फीसदी तक शिक्षकों के पद खाली हैं। इनमें ग्रेड थर्ड के शिक्षक सहित प्रधानाचार्य के पद शामिल हैं। स्कूलों में इस सत्र से सृजित किए गए उपप्रधानाचार्य के पद तो 90 फीसदी तक खाली हैं। जिले में 369 में से 347 उपप्रधानाचार्य के पद खाली हैं, जबकि अभी तक 22 ही लगाए गए हैं।
जिले में 13576 में से 3302 शिक्षकों के पद खाली हैं, जबकि 10274 कार्यरत हैं। इतना ही नहीं, हाल ही में विधायकों की अनुशंषा पर बिना मापदंड के जिले के कई उच्च प्राथमिक स्कूलों को सीधे उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत कर दिया गया, जबकि वहां सीनियर स्कूल के अनुरूप भवन एवं कमरे तक नहीं हैं।एक रिटायर प्रधानाचार्य का कहना है कि स्कूलों को क्रमोन्नत करने से पहले संबंधित सीबीईओ या डीईओ से रिपोर्ट ली जानी चाहिए, ताकि आगे संचालन में समस्या नहीं आए।
राजलदेसर में एक हजार नामांकन वाले स्कूल में शिक्षकों के 11 पद खाली : राजलदेसर के राउमावि में एक हजार से ज्यादा नामांकन है, पर यहां कुल स्वीकृत पदों में से 11 पद खाली हैं। इनमें प्रधानाचार्य, व्याख्याता, वरिष्ठ अध्यापक एवं अध्यापक के पद शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में राजलदेसर जैसे कस्बे के स्कूल में पद खाली होने से नामांकन कैसे बढ़ेगा। यहां आठ महीने पहले प्रधानाचार्य लगाए गए, पर उन्होंने ज्वॉइन ही नहीं किया।
बीनासर के स्कूल में लैब नहीं होने से पिछले साल 12वीं क्लास ही संचालित नहीं हो सकी: चूरू तहसील के गांव बीनासर के राउमावि में पिछले साल 225 नामांकन था। इस स्कूल में 21 में से चार पद खाली हैं। स्कूल में लैब नहीं होने से पिछले साल 12वीं क्लास ही नहीं लगी, जबकि ये स्कूल चार साल पहले 2018 में सीनियर में क्रमोन्नत हो गया। प्रधानाचार्य मुकेश कंवर का कहना है कि स्कूल में साइंस लैब नहीं है।
जिले में 24.32 फीसदी अध्यापक व प्रधानाचार्य के पद खाली हैं। अध्यापक एवं वरिष्ठ अध्यापक की नियुक्ति डीईओ एवं संयुक्त निदेशक स्तर से होती हैं। व्याख्याता, उपप्रधानाचार्य एवं प्रधानाचार्य की नियुक्तियां निदेशालय स्तर होती है।-जगवीरसिंह यादव, सीडीईओ एवं कार्यवाहक संयुक्त निदेशक
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