नकल माफिया ने बनाया ऐसा माहौल... परीक्षा से पहले रात को नींद भी नहीं आती
जयपुर. राजस्थान में भर्तियों को लेकर सिर्फ माहौल बनाया गया है। पेपरलीक की घटनाएं कम हुईं हैं, लेकिन उनका प्रचार ज्यादा हुआ है। नकल माफिया ने ऐसा माहौल बना दिया कि भर्ती परीक्षा की पूरी तैयारी करने के बाद भी एक दिन पहले नींद नहीं आती। रात को भी मॉनिटरिंग जारी रहती है। एसओजी और प्रशासन से संपर्क करता हूं। यह कहना है राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड चेयरमैन हरिप्रसाद शर्मा का। शर्मा ने 30 जनवरी 2021 को बोर्ड चेयरमैन पद पर ज्वॉइन किया था। तीन महीने बाद ही सात अक्टूबर को शर्मा का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। बोर्ड ने सबसे बड़ी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया हाल ही पूरी की है। पत्रिका ने उनके पूरे कार्यकाल और भर्तियों पर उठने वाले सवालों को लेकर खास बातचीत की।
सतर्क रहकर काम करने से मिलती है सफलता
Q. भर्तियों के मामले में राजस्थान की छवि क्यों खराब हुई है?
अध्यक्ष: बोर्ड ने पिछले ढाई साल में 101 पेपर कराए हैं। 100 का रिजल्ट आ गया। समस्या है कि असंतुष्ट बेरोजगारों की संख्या ज्यादा है। भर्ती में अगर कोई कमी रह गई तो जमकर कुप्रचार किया जाता है।
Q. बेरोजगारी बढ़ रही है, आप किस तरह देखते हैं?
अध्यक्ष : राज्य में 65 लाख बेरोजगार हैं जो 10 वीं पास हैं। पांच साल में डेढ़ या दो लाख से अधिक नौकरी नहीं मिल सकती। ऐसे में 63 लाख तो वंचित ही रहेंगे। उनमें असंतोष का भाव रहता है। वे ही भर्तियों को अटकाने का काम करते हैं।
Q. भर्ती परीक्षा से एक दिन पहले आप कैसा महसूस करते हैं?
अध्यक्ष : नकल माफिया ने राज्य में एक माहौल पैदा कर दिया है। परीक्षा से पहले रात को नींद नहीं आती। रात को भी मॉनिटरिंग करता हूं। शिक्षक भर्ती बड़ी चुनौतीपूर्ण परीक्षा थी। नकल माफिया को कोई मौका नहीं दिया। ऐसी रूपरेखा बनाई कि उनके इरादे फेल हो गए। पूरे कार्यकाल में वनरक्षक का बस एक पेपर लीक हुआ था। हमने उसे निरस्त कर वापस पेपर करवाया। सतर्क रहकर काम करें तो सफलता मिलती है।
Q. भर्ती परीक्षाओं में किस तरह से मॉनिटरिंग जरूरी होती है?
अध्यक्ष : परीक्षा कराना चुनौती भरा कार्य है। भर्ती परीक्षाओं में नकल माफिया सक्रिय रहते हैं। इसके लिए पुलिस, एसओजी, प्रशासन से कॉर्डिनेट जरूरी है। हर चेयरमैन चाहता है उसकी परीक्षा शांतपूर्ण हो।

0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें