महात्मा गांधी स्कूल; 12 मई को विद्यार्थियों को प्रवेश, लेकिन शिक्षकों के 20 हजार पद खाली, जिले के 165 स्कूलों में शिक्षकों के 559 पद रिक्त
राज्य सरकार ने प्रदेश में 2700 से ज्यादा महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोल दिए, लेकिन इनमें शिक्षक नहीं लगाए जा रहे हैं। नया सत्र शुरू हुए 20 दिन हो चुके हैं। शिक्षकों की कमी से विद्यार्थी बिना पढ़े घर लौट रहे हैं। प्रदेश में नए शिक्षा सत्र 2023-24 से 2700 से ज्यादा महात्मा गांधी स्कूलों का संचालन शुरू हो गया। इनमें अभी तक शिक्षकों व स्टाफ की नियुक्तियां ही नहीं की है। विभाग ने 12 मई को लॉटरी निकालकर विद्यार्थियों को प्रवेश भी दे दिया है। प्रदेश में 20 हजार पद खाली हैं, वहीं सीकर जिले के 165 स्कूल में 559 शिक्षकों के पद खाली हैं। इन नए स्कूलों में शिक्षक नहीं लगाए जाने से यहां आवेदनों की संख्या भी कम रही है। जिले की इन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या करीब 26 हजार है। एक दिन पहले 16 और महात्मा गांधी स्कूल स्वीकृत किए हैं। उल्लेखनीय है कि जिले में 165 अंग्रेजी मीडियम स्कूल हैं।
इसलिए परेशानी; ग्रेड सैकंड भर्ती का रिजल्ट नहीं आया, ग्रेड थर्ड को नियुक्ति नहीं
इस मामले में एक्सपर्ट से बात की तो पद खाली रहने की तीन प्रमुख चुनौती सामने आईं। पहली- अभी तक ग्रेड सैकंड भर्ती परीक्षा का परिणाम नहीं आया है। इनमें से महात्मा गांधी स्कूलों में व्याख्याता रखने की योजना थी। इसके अलावा रोट का परिणाम आ चुका है, लेकिन अभी तक सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी गई है। इनमें से भी पात्रों को महात्मा गांधी स्कूलों में लगाने की योजना थी। तीसरी सबसे बड़ी चुनौती ये है कि शिक्षकों की पदोन्नति मामला अटका हुआ है। उल्लेखनीय है कि महात्मा गांधी राजकीय स्कूलों में प्रिंसिपल सहित 23 पद दिए जा सकते हैं। इसमें 6 वरिष्ठ अध्यापक, एक वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक, एक वरिष्ठ सहायक लेवल-2 शिक्षक दो, अध्यापक लेवल वन 5, पुस्तकालयाध्यक्ष एक, प्रयोगशाला सहायक एक, अध्यापक ग्रेड थर्ड कंप्यूटर योग्यताधारी एक, एक कनिष्ठ सहायक व तीन पद सहायक कर्मचारी के हैं।
संविदा पर भर्ती के आवेदन लिए, नियुक्ति नहीं दी
प्रदेश में अंग्रेजी मीडियम के 2700 स्कूलों में 20 हजार से ज्यादा शिक्षकों के पद रिक्त हैं। सरकार ने अंग्रेजी माध्यम में अध्ययन किए हुए आवश्यक योग्यता रखने वालों की संविदा पर भर्ती के लिए आवेदन लिए हैं। पहले चरण में सीकर में 650 शिक्षकों के लिए आवेदन मांगे गए। इसमें करीब 250 आवेदन ही पात्र पाए गए। इनको अभी तक नियुक्ति नहीं दी है। उसके बाद 150 शिक्षकों को संविदा पर लगाने के लिए आवेदन मांगे हैं। इसमें से महज 40 पात्र सामने आए।
अन्य स्कूलों से इंटरव्यू द्वारा भी शिक्षक लेंगे : शिक्षा
शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला का कहना है कि सरकार महात्मा गांधी स्कूलों के खाली पदों को भरने के लिए गंभीर है। जल्द ही 10 हजार शिक्षकों को संविदा पर भर्ती करेंगे। इसके अलावा बचे हुए पदों के लिए इंटरव्यू के आधार पर अन्य स्कूलों से समायोजन किया जाएगा। प्रदेश में अगस्त से अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की स्थिति बिलकुल सही कर दी जाएगी।
सरकार ने बिना पूर्व तैयारी के करीब तीन हजार अंग्रेजी माध्यम स्कूल शुरू कर दिए। न तो शिक्षकों का कैडर तैयार किया और न ही भवन | हिंदी माध्यम की स्कूलों से उधार के शिक्षकों से काम चलाया जा रहा है। सरकार योजनाबद्ध तरीके से इन स्कूलों के ढांचे को मजबूत करे। उपेन्द्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत)
इन स्कूलों का खुद का कैडर नहीं बनेगा तब होगा समाधान महात्मा गांधी स्कूलों में जब तक खुद का कैडर नहीं होगा तब तक बच्चों का भला नही हो सकता। स्कूलों में शिक्षक नहीं होने से जिले के कई स्कूल ऐसे हैं, जिनमें एक भी एडमिशन नहीं हुआ है। गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी शिक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से अभिभावकों ने अपने बच्चों का इन विद्यालयों में प्रवेश कराया है, लेकिन सरकार गंभीरता को नहीं समझ रही है। सरकार तुरंत पद स्वीकृत कर शिक्षकों का पदस्थापन करे।-जगदीश प्रसाद शर्मा, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी

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