परीक्षा-2024: 9वीं से 12वीं में 10 फीसदी तक बढ़ेंगे दक्षता आधारित प्रश्न
श्रीगंगानगर. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की इस साल होने वाली 10 वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों पढ़ाई में अपनी दक्षता को सिद्ध करना होगा। गौरतलब है कि बोर्ड ने इस साल के पेपर में पूछे जाने वाले सवालों के पैटर्न में बदलाव किया है। इसके लिए बोर्ड का तर्क है कि नए पैटर्न से विद्यार्थियों को काफी राहत मिलेगी। यह पैटर्न नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उल्लेखनीय है कि मौजूदा सत्र के लिए यह बदलाव स्कूल की आंतरिक परीक्षाओं में भी लागू किया जाएगा। नए बदलाव के हिसाब से 9 वीं और 11 वीं की आंतरिक परीक्षाओं में भी बहुवैकल्पिक सवालों की संख्या अधिक होगी। इसके अलावा 10 वीं में 50 प्रतिशत जबकि 12 वीं में 40 फीसदी सवाल एमसीक्यू आधारित प्रश्न,स्रोत-आधारित एकीकृत प्रश्न या किसी अन्य प्रकार के रूप में योग्यता-आधारित होंगे।
बीते साल तक थी यह व्यवस्था
दक्षता आधारित प्रश्नों के लिए सीबीएसइ के पिछले शैक्षणिक सत्र में 10वीं में 40 फीसदी जबकि 12वीं में भारांक 30 प्रतिशत निर्धारित था। दोनों ही कक्षाओं में इस साल वस्तुनिष्ठ प्रश्न अनिवार्य रूप से 20 प्रतिशत भारांक के साथ बहुविकल्पीय होंगे। जबकि, 10 वीं में लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों का भारांक पिछले वर्ष के 40 प्रतिशत से घटाकर 30 प्रतिशत कर दिया तथा बारहवीं कक्षा में 50 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है।
अजमेर बोर्ड ने जारी लिए मॉडल पेपर
साल 2024 की परीक्षाओं को कड़ी में अजमेर बोर्ड ने दसवीं की मुख्य परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों के लिए मॉडल प्रश्नपत्र जारी कर दिए हैं। इसके तहत सभी अनिवार्य विषयों में पांच प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे। लेकिन, इनमें अलग-अलग पेपरों में प्रश्नों की प्रतिशत अलग-अलग होगी। इस साल परीक्षार्थियों की मानसिक व बौद्धिक क्षमता देखते हुए प्रश्नपत्रों में वस्तुनिष्ठ, अति लघुत्तरात्मक तथा लघुत्तरात्मक प्रश्नों की अधिकता रहेगी। इन प्रश्नों का प्रतिशत भी अधिक रहेगा। जबकि निबंधात्मक और दीर्घउत्तरीय प्रकार के प्रश्न कम पूछे जाएंगे। हालांकि अलग-अलग विषयों में उपयोगिता के अनुसार कुछ प्रश्नों को अधिक प्रतिशत में जगह दी गई है।
फैक्ट फाइल
जिले में विद्यार्थियों का गणित
सीबीएसइ 9 वीं-10वीं8450
सीबीएसइ 11वीं-12वीं9100
आरबीएसइ 9वीं-10वीं63000
आरबीएसइ 11वीं-12वीं48000
दक्षता आधारित प्रश्नों से बच्चों में रट्टा पद्धति की बजाय समझ कर याद करने की क्षमता को बढ़ावा मिलता है। पढ़ाई के दौरान विद्यार्थी ने जो सीखा है उसके व्यवहारगत उपयोग पर बोर्ड का फोकस है। सीबीएसइ में तो छात्र को किसी सवाल के हल करने की कोशिश के बदले भी अंक दिए जाएंगे। इन सवालों की संख्या 20 फीसदी रहेगी-भूपेश शर्मा, जिला समन्वयक, विद्यार्थी परामर्श केंद्र, श्रीगंगानगर।

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