परिषद‍ीय विद्यालयों की अवकाश तालिका वर्ष 2025 देखें व करें डाउनलोड

👇Primary Ka Master Latest Updates👇

गुरुवार, 6 जुलाई 2023

अब 25 से कम नामांकन वाले स्कूलों पर लटकी तलवार, मर्ज या बंद होंगे!

 


अब 25 से कम नामांकन वाले स्कूलों पर लटकी तलवार, मर्ज या बंद होंगे!

डीग. प्रदेश में एक बार फिर से हजारों स्कूलों में नामांकन तय नियम के अनुसार नहीं होने से स्कूलों पर ताले लगाने की कवायद चल रही है। नामांकन कम होने की वजह से एक बार फिर प्रदेश में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों पर ताला लगने की तैयारी है।


सरकार ने प्रदेश के ऐसे विद्यालयों की सूची बनाई है, जहां नामांकन पच्चीस से कम है। सूची में प्रदेश के 10315 विद्यालय आए हैं। निदेशालय की सूची को देख कर लगता है कि सरकार फिर से कम नामांकन वाले विद्यालयों को मर्ज करने की तैयारी कर रही है। हालांकि अभी तक यह खुलासा नहीं हुआ है कि इन विद्यालयों को कब और कौन से विद्यालय में मर्ज किया जाएगा।


आशंका यह है कि सरकार इन विद्यालयों को बंद कर सकती है। जोधपुर, जयपुर, नागौर व बाड़मेर में ऐसे विद्यालयों की तादाद ज्यादा है, जबकि धौलपुर व सिरोही में सौ से कम विद्यालय सूची में हैं। नया शिक्षा सत्र शुरू होने के साथ ही निदेशालय प्राथमिक शिक्षा ने प्रदेश के कम नामांकन वाले विद्यालयों की सूची प्रकाशित की है। इसमें प्रदेश के ऐसे राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं, जिनका नामांकन पच्चीस से कम है। सूची में नजदीकी विद्यालय का नाम, दूरी और डाइस व एनआइसी कोड की सूचना है। इसके चलते यह माना जा रहा है कि सरकार इन विद्यालयों को पास के स्कूल में मर्ज कर सकती है। इन विद्यालयों के बंद होने की संभावना भी जताई जा रही है।


जिलों के इन स्कूलों में 50 से कम नामांकन

भरतपुर संभाग की बात करें तो भरतपुर-सवाईमाधोपुर- 125-125, करौली- 243 व धौलपुर के 65 विद्यालय ऐसे हैं, जहां का नामांकन पच्चीस से कम है। भरतपुर जिले में 125 राजकीय प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालय का नामांकन 25 से कम है। वहीं सेवर व उच्चैन के 17-17, बयाना के 14, भुसावर, नदबई के 13-13, कुम्हेर के 11, नगर के 5, पहाडी के 4 व कांमा, रूपवास और वैर ब्लॉक के 3-3 विद्यालय ऐसे हैं जिनमें विद्यार्थियों की संख्या 25 या उससे कम है।


प्रवेशोत्सव में बढ़ाएं नामांकन तो नहीं होंगे मर्ज

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अभी प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है और प्रवेश प्रक्रिया चल रहीं है। ऐसे में यदि किसी विद्यालय में 15 जुलाई से पहले नामांकन बढ़ा दिए जाते हैं तो उस स्कूल को मर्ज नहीं किया जाएगा। कम नामांकन वाले विद्यालयों के प्रधानाचार्य को विभाग ने नियमानुसार नामांकन बढ़ाने के लिए 15 जुलाई तक का समय दिया गया है। 15 के बाद बढ़े नामांकन की सूची की रिपोर्ट भेजने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।


अब 25 से कम नामांकन वाले स्कूलों पर लटकी तलवार, मर्ज या बंद होंगे! Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

0 Comments:

एक टिप्पणी भेजें