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शनिवार, 8 जुलाई 2023

हाईकोर्ट का फीस वृद्धि पर स्टे दोपहर 3.30 बजे, छात्रों की नाराजगी से बचने को करीब एक घंटे बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने भेजा लेटर



 हाईकोर्ट का फीस वृद्धि पर स्टे दोपहर 3.30 बजे, छात्रों की नाराजगी से बचने को करीब एक घंटे बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने भेजा लेटर

महाराजा सूरज बृज विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों के परीक्षा, शैक्षणिक और विभिन्न शुल्कों में बढ़ोत्तरी पर राजस्थान हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। पता चलते ही सरकार भी एक्टिव हुई और करीब घंटे भर बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने भी फीस वृद्धि पर पुनर्विचार के लिए कुलपति को पत्र जारी कर दिया। ज्ञात रहे कि परीक्षा फीस में 2200 रुपए वृद्धि से विद्यार्थी दो सप्ताह से आंदोलनरत थे। लेकिन उच्च शिक्षा विभाग ने सक्रियता कोर्ट आदेश बाद दिखाई। शुक्रवार को न्यायालय ने चार याचिकाओं की सुनवाई कर कॉलेजों को पुराना संबद्धता शुल्क जमा कराने की छूट दी तथा फीस बढ़ाने के संबंध में 27 मई 2023 को जारी गए आदेश पर स्टे लगा दिया। शुक्रवार को जस्टिस इंद्रजीत सिंह की बेंच ने सुनवाई की। 


कालेजों की ओर से एडवोकेट अराधना स्वामी और मोहित खंडेलवाल ने पैरवी की। खंडेलवाल ने दलील दी कि वित्त समिति और अकादमिक परिषद ने शुल्कों में प्रति सत्र 10 फीसदी बढ़ोत्तरी करने की सिफारिश की थी। प्रबंध मंडल ने अनुमोदित किया था। इसके विपरीत कुल सचिव ने 100 फीसदी से ज्यादा बढ़ोत्तरी कर दी। एडवोकेट अराधना स्वामी ने दलील दी कि विद्यार्थियों की फीस बढ़ाने के साथ उन पर विभिन्न अनावश्यक शुल्क भी लगा दिए गए। कोरोना के बाद इतनी फीस और शुल्कों में बढ़ोत्तरी का बोझ छात्रों और अभिभावकों पर पड़ेगा। मंत्री सुभाष गर्ग ने बताया कि परीक्षा फीस बढ़ोत्तरी के संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री राजेंद्र यादव ने जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकर न्यायोचित करने के आदेश दिए हैं। 


उच्च शिक्षा संयुक्त सचिव की ओर से 7 जुलाई को जारी पत्र में कुलाधिपति के आदेश का हवाला देते हुए कोरोना काल की फीस वृद्धि नहीं करने तथा 5 अन्य मदों में 2200 रुपए की फीस बढ़ोत्तरी को नियम विरुद्ध बताया है। कुलपति को जनप्रतिनिधियों एवं छात्रों से वार्ता कर पुनर्विचार कर युक्तियुक्त फीस वृद्धि का निर्णय लेकर सरकार को अवगत कराने को कहा है। ताकि बच्चों पर फीस का अतिरिक्त भार न आए। विद्यार्थी परिषद के विभाग संयोजक नितेश चौधरी ने कहा कि यह विद्यार्थियों की जीत है। हमें गहलोत सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। सरकार के इशारे पर आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया। नौ छात्रों को गिरफ्तार किया। परीक्षा फीस वापसी तथा कोर्सों की फीस सरकारी यूनिवर्सिटी के बराबर होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं अन्य छात्र संगठनों का कहना है कि विवि प्रबंधन को फीस वृद्धि नहीं करनी चाहिए थी।


हाईकोर्ट का फीस वृद्धि पर स्टे दोपहर 3.30 बजे, छात्रों की नाराजगी से बचने को करीब एक घंटे बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने भेजा लेटर Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

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