मुखर हुई मांग... सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में एक भी बार नहीं हुए तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले
राज्य सरकार चुनावी मोड में भले ही आ गई है, लेकिन सरकार के कार्यकाल में एक भी बार तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण नहीं होने से हजारों शिक्षकों में आक्रोश पनप रहा है। यही नहीं पिछले तीन सालों में हजारों शिक्षकों को पदोन्नति भी नहीं मिल पाई है। इस संबंध में राजस्थान शिक्षक एवं पंचायती राज कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व शिक्षामंत्री बीडी कल्ला को 10 सूत्री मांगपत्र भेजकर शिक्षक तबादलों से प्रतिबंध हटाकर रीट भर्ती से चयनित शिक्षकों की पोस्टिंग से पूर्व तृतीय श्रेणी सहित सभी शिक्षक संवर्ग के स्थानांतरण प्रारंभ कराए जाने एवं अन्य शिक्षक समस्याओं का निस्तारण कराने की मांग की है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शेरसिंह चौहान व प्रांतीय महामंत्री राजेश शर्मा की ओर से सरकार को प्रेषित ज्ञापन में लिखा है कि संघ की ओर से समय-समय पर प्रदेश के उपखंड ,जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन के साथ विगत 17 मई को राजधानी जयपुर में शहीद स्मारक पर राज्य स्तरीय धरना प्रदर्शन के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित कर तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण शुरू करने सहित शिक्षक संवर्ग की अन्य समस्याओं का निस्तारण करने का मांग पत्र सौंपा गया था।
लेकिन अभी तक शिक्षक संवर्ग की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर भी सरकार की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया है, जिसके परिणाम स्वरूप प्रदेश के शिक्षक संवर्ग में सरकार के प्रति लगातार रोष बढ़ता जा रहा है। प्रदेश महामंत्री राजेश शर्मा ने बताया कि ज्ञापन में सरकार से शिक्षक तबादलों से रोक हटाते हुए तृतीय श्रेणी शिक्षकों सहित सभी श्रेणी के शिक्षक संवर्ग के स्थानांतरण रीट भर्ती से नियुक्त शिक्षकों की पोस्टिंग से पूर्व शुरू कराए जाने तथा टीएसपी जिलों में कार्यरत शिक्षकों का समायोजन सामान्य जिलों में करा कर शिक्षक संवर्ग को राहत दिलाए जाने, पिछले तीन शैक्षिक सत्रों से तृतीय श्रेणी से द्वितीय श्रेणी, वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता पदों पर पदोन्नति नहीं हुई है। प्रदेश में हजारों की तादात में शिक्षा अधिकारियों के पद भी रिक्त चल रहे हैं ।ऐसे में स्कूलों में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद रिक्त होने से एक तरफ शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है वही समय पर शिक्षक संवर्ग को पदोन्नति नहीं मिल पा रही।
शिक्षा विभाग में शीघ्र सभी श्रेणी के शिक्षक संवर्ग की कई बर्षों से रुकी हुई पदोन्नतियां एक साथ कराए जाने की मांग की है। प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान के मुताबिक संघ ने सीएम व शिक्षामंत्री से राज्य के स्कूलों में बर्ष 2008 से 2010 के मध्य चयनित शिक्षक व प्रबोधक की मूल वेतन की लंबे समय से चली आ रही विसंगति दूर कर एक जुलाई 2013 से पूर्व परिवीक्षा काल पूर्ण करने वाले कार्मिकों वेतन 11170 के स्थान पर 12900 रुपये से पे रिवाइज्ड कराने , प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा का विलय कर एक ही महकमा करने, रीट से चयनित तृतीय श्रेणी शिक्षकों की नई नियुक्ति प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के साथ उच्च माध्यमिक एवं महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में भी देने के प्रावधान लागू कराने, राज्य सरकार की ओर से क्रमोन्नत राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूलों एवं अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का सक्षम विद्यालयों में समायोजन कराते हुए समय पर वेतन भुगतान की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की।

0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें