
एक शिक्षक के भरोसे 44 नौनिहाल, कैसे हो पढ़ाई,उमरैण पंचायत के पैंतपुर राजकीय प्राथमिक स्कूल का मामला
अलवर. राजकीय प्राथमिक विद्यालय पैंतपुर जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर सिलीसेढ़ के पास है। विद्यालय में पांचवी कक्षा तक के नौनिहाल पढ़ने आते हैं। 44 नौनिहालों एक ही शिक्षक के भरोसे ही हैं। विद्यालय में एक शिक्षक है जो विद्यालय में नौनिहाल को पढ़ाए या गांव के बीएलओ का कार्य संभाले। कुल मिलाकर बच्चों की पढ़ाई पर प्रभाव पड़ रहा है। विद्यालय में तीन कक्ष हैं, लेकिन शिक्षको की कमी के कारण एक ही कक्ष में विद्यालय का कार्यालय और नौनिहालों को पढ़ाया जा रहा है। विद्यालय में शिक्षकों कमी होने के कारण विद्यार्थियों का दूसरे स्कूलों में पलायन हो रहा है। विद्यालय में एक शिक्षक होने के कारण विद्यालय की गतिविधियों की सूचना मुख्य कार्यालय तक नहीं पहुंच पाती है।
बंदरों का आतंक
पैंतपुर विद्यालय में बंदरों का आतंक है। शिक्षक नौनिहालों को एक मिनट भी अकेले नहीं छोड सकते। बंदर विद्यालय भवन में एक बरगद का पेड़ होने के कारण उसमें पूरे दिन वहीं रहते हैं। विद्यालय में बंदरों से नौनिहालों को खतरा है। इस विद्यालय में आने वाले आधे से ज्यादा बच्चे नटों के हैं जो अपने माता-पिता के साथ बाहरी राज्यों में जाते हैं। केवल एक से दो माह गांव में निवास करते हैं। इससे विद्यालय में नौनिहालों की संख्या में वृद्धि हो जाती है। वहीं विद्यालय गांव से एक से डेढ़ किलोमीटर दूर है। आने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पैंतपुर विद्यालय एक शिक्षक के ही भरोसे पर चल रहा है। इसमें सरकार की ओर से दो शिक्षक लगाने चाहिए ताकि नौनिहालों की अच्छी तरह से पढ़ाई हो सके।-सौराज गुर्जर , पैंतपुर सरपंच
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