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सोमवार, 3 जुलाई 2023

प्रवेशोत्सव में नामांकन बढ़ाने का दबाव बनाकर शिक्षकों को प्रशिक्षण में लगाया

 

प्रवेशोत्सव में नामांकन बढ़ाने का दबाव बनाकर शिक्षकों को प्रशिक्षण में लगाया

सीकर. शिक्षा विभाग के दोगलेपन ने शिक्षकों की दुविधा बढ़ा दी है। प्रवेशोत्सव के बीच विभाग एक तरफ शिक्षकों पर नामांकन बढ़ाने का दबाव डाल रहा है। दूसरी तरफ इसी समय में प्रदेश के 1 लाख 72 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण में उलझा दिया है। लिहाजा शिक्षकों की पसोपेश बढ़ गई है। शिक्षा विभाग के दोहरे व्यवहार का शिक्षक संगठनों ने विरोध भी शुरू कर दिया है।


1 लाख 72 हजार 494 शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण

नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश में कुल 1 लाख 72 हजार 494 शिक्षकों का प्रशिक्षण होगा। इसमें कक्षा एक से पांच तक के शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में 198 एसआरपी, 3590 एमटी/केआरपी तथा 138962 शिक्षक शामिल होंगे। जिनमें सीकर के छह एसआरपी, 120 एमटी/केआरपी तथा 3893 शिक्षक शामिल है। इसी तरह उप्रावि के सीकर के 691 सहित प्रदेश के कुल 19485 प्रधानाध्यापकों तथा जिले के 353 सहित कुल 10259 पीईईओ व यूसीईई को प्रशिक्षण दिया जाएगा।


प्रशिक्षण पाने वाले शिक्षकों का आंकड़ा

प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण में एसआरपी 198

एमटी/केआरपी 3590

लेवल-1 शिक्षक 138962

उप्रावि प्रधानाध्यापक 19485

पीईईओ/यूसीईईओ 10259

कुल शिक्षक प्रभावित होंगे 172494

कुल बजट खर्च होगा 600000 रुपए


2 जुलाई से 12 अगस्त तक चलेंगे प्रशिक्षण

नई शिक्षा नीति के मुताबिक आयोजित होने वाले प्रशिक्षण में कक्षा एक से पांच तक के शिक्षक प्रशिक्षण की शुरुआत प्रदेश स्तर पर एसआरजी प्रशिक्षण के साथ रविवार से हुई। 7 जुलाई तक चलने वाले इस प्रशिक्षण के बाद जिला स्तर पर एमटी व केआरपी का प्रशिक्षण 10 से 15 जुलाई तक चलेगा। 17 जुलाई से शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरु होगा, जो 7 अगस्त तक तीन चरणों में चलेगा। लीडरशिप आधारित प्रशिक्षण में उप्रावि प्रधानाध्यापकों तथा एसआरजी तथा एमटी/केआरपी का प्रशिक्षण भी जुलाई व अगस्त में प्रस्तावित है। उप प्राचार्य ें एसआरजी व केआरपी प्रशिक्षण 2 से 14 तथा उप प्राचार्य प्रशिक्षण 17 से 22 जुलाई तक तथा पीईईओ व यूसीईईओ का प्रशिक्षण 24 जुलाई से 12 अगस्त के बीच होगा।


स्कूलों का नामांकन प्रभावित करने का षड़यंत्र

प्रवेशोत्सव के बीच शिक्षकों को गैर शैक्षिक कार्यों में लगाने की मनमानी कर रहा शासन व प्रशासन अब उन्हें प्रशिक्षण के नाम पर उलझाना चाह रहा है। यह सरकारी स्कूलों का नामांकन प्रभावित करने की सोचा समझा षडय़ंत्र लगता है। संगठन इसका विरोध करेगा।-उपेंद्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत


प्रवेशोत्सव के बाद हो प्रशिक्षण

निजी स्कूल में पढ़ाई शुरू हो गई है। इस बीच शिक्षकों का प्रशिक्षण नामांकन व शिक्षण दोनों को प्रभावित करेगा। प्रशिक्षण प्रवेशोत्सव के बाद होना चाहिए। अभी तो अधिकारियों से लेकर शिक्षकों तक को नामांकन बढ़ाने पर जोर देना चाहिए।-सुरेश कुमार, राजस्थान शिक्षक संघ (अंबेडकर)

प्रवेशोत्सव में नामांकन बढ़ाने का दबाव बनाकर शिक्षकों को प्रशिक्षण में लगाया Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP BASIC NEWS

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