खेल कोटे से नौकरी लेने में फर्जीवाड़ा, ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती में दस्तावेज जांच में नॉन ओलंपिक खेल के सर्वाधिक सर्टिफिकेट
तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में खेले कोटे से मिलने वाले दो फीसदी आरक्षण का फायदा लेने के लिए कई अभ्यर्थियों ने फर्जी सर्टिफिकेट ले लिया। अब दस्तावेज सत्यापन के दौरान जयपुर की दो-तीन यूनिवर्सिटी के फर्जी सर्टिफिकेट जारी होने का संदेह है। क्योंकि अधिकांश सर्टिफिकेट एक ही यूनिवर्सिटी से जारी हुए है। इसको लेकर अब विभाग स्तर पर भी जांच शुरू हो गई। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस मामले में बीकानेर बुलाया है। तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के दस्तावेज जांच में नॉन ओलंपिक खेलों के सर्टिफिकेट सामने आए ऐसे में शिक्षा विभाग व खेल संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने फर्जीवाड़े की आशंका जताई है।
जिस खेल के सर्टिफिकेट सामने आए है, वह ओलंपिक खेल नहीं है। इधर, एसजीएफआई गेम्स फेडरेशन ने निर्णय कर नॉन ओलंपिक खेलों को शामिल नहीं करते हुए कैलेंडर भी जारी कर दिया ताकि वास्तविक खिलाड़ियों का हक मारा नहीं जाए। ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को राजकीय सेवा में फायदा पहुंचाने के लिए खेल पॉलिसी तैयारी की गई थी। इसमें 21 नवंबर 2012 पॉलिसी में कुछ संशोधन भी हुए एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटी और स्कूल गेम्स फैडरेशन ऑफ इंडिया के खेलों को भी शामिल किया गया था। इन संस्थाओं के सिर्फ ओलंपिक खेल ही मान्य थे, लेकिन पॉलिसी में इसका जिक्र नहीं किया था। संस्थाओं के नॉन ओलंपिक खेल के सर्टिफिकेट लेकर अभ्यर्थियों में शामिल हो है, वास्तविक खिलाड़ियों का हक मारा जा रहा है।
25 साल की उम्र में प्रवेश लेकर लिए सर्टिफिकेट
बाड़मेर दस्तावेज सत्यापन के दौरान कई ऐसे सर्टिफिकेट सामने आए है, जिन्होंने जयपुर की दो-तीन यूनिवर्सिटी में लाइब्रेरी कोर्स के लिए प्रवेश लिया है, उस अभ्यर्थी ने 25 साल की आयु में खेल प्रतिस्पर्धा में शामिल होकर खेल सर्टिफिकेट हथिया लिया है। इसमें सर्वाधिक रस्साकस्सी, मार्शल आर्ट्स के खेल है, जो नॉन ओलंपिक है। अकेले बाड़मेर जिले में जयपुर की यूनिवर्सिटी से जुड़े 100 से 150 सर्टिफिकेट सामने आए है ।
पहले भी हो चुकी है गड़बड़ी
शिक्षक भर्ती 2021 में नॉन ओलंपिक खेलों के प्रमाण पत्रों के आधार पर अभ्यर्थियों ने खेल कोटे से नौकरी ली गई थी। उसके बाद जब शिक्षा निदेशालय ने इन खेलों के प्रमाण पत्रों की जांच करवाई तो फर्जी पाए गए थे, उसके बाद नियुक्तियां नहीं दी गई थी। अब भी शिक्षक भर्ती से पहले टूनामेंट करवाकर इन खेलों के मेडल व सर्टिफिकेट बाट गए है।
खिलाड़ियों का हक मार रहे हैं. ओलंपिक खेल ही मान्य करें
यूनिवर्सिटी में दो तरह से खेल खेले जाते है। एक तो वेस्ट जोन में खेलने के बाद ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी स्तर पर खेले जाते है, लेकिन अभी शिक्षक भर्ती में सामने आया है कि जयपुर की दो-तीन यूनिवर्सिटी ने इंटर टूर्नामेंट करवाकर फर्जीवाड़े के तहत सर्टिफिकेट बांट दिए है, जबकि उन अभ्यर्थियों ने कभी खेल प्रतियोगिता में भाग ही नहीं लिया है। इससे वास्तविक खिलाड़ियों का हक मारा जाएगा। हमारी मांग है कि कार्मिक विभाग ओलंपिक से जुड़े खेल के सर्टिफिकेट ही मान्य करें। -रोमरसिंह सोढा, सचिव, बॉस्केटबॉल जिला एसोसिएशन बाड़मेर
फर्जीवाड़े की आशंका, जांच कर रहे
खेल कोटे के आरक्षण को लेकर जो सत्यापन के दौरान जो सर्टिफिकेट आ रहे है, उसकी जांच करवाई जाएगी। जिला स्तर के बाद राज्य स्तर पर भी जांच होगी। हर बार भर्ती परीक्षा में दस्तावेजों की जांच होती है। फर्जीवाड़े आशंका जताई जा रही है।-किशनदान चारण, सह नोडल प्रभारी, शिक्षक भर्ती दस्तावेज जांच कमेटी बीकानेर

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