सरकारी स्कूलों के हाल : प्रवेशोत्सव का पहला चरण पूरा, कितना हुआ नामांकन, अभी नहीं आया सामने, तीस हजार बच्चे ले गए टीसी, नामांकन बढ़ाने को मची भाग-दौड़
नागौर. सरकारी स्कूलों में प्रवेशोत्सव चालू हुआ है, जबकि करीब तीस हजार बच्चे कम हो गए। बारहवीं कक्षा के परिणाम के बाद करीब 28 हजार विद्यार्थी टीसी कटाकर कॉलेज की तरफ कूच कर रहे हैं , वहीं दसवीं/आठवीं पास करने वाले भी कुछ विद्यार्थी कम होते दिख रहे हैं। ऐसे में नामांकन की वृद्धि को लेकर अफसरों के हाथ-पांव फूल गए हैं। वो इसलिए भी कि उन्हें समाप्त हुए सत्र के विद्यार्थियों की संख्या बराबर करने के लिए करीब तीस हजार नए नामांकन कराने होंगे।
सूत्रों के अनुसार जिले के करीब तीन हजार 25 स्कूलों में हाउसहोल्ड सर्वे का पहला चरण समाप्त हो गया है। फिलहाल पूरे जिले से कितने नए नामांकन हुए हैं, इसकी संख्या मुख्यालय तक नहीं पहुंची है। संभवतया सोमवार को सीबीइओ के माध्यम से यह आंकड़ा पहुंचेगा। इसके बाद ही नामांकन के लिए अगले चरण की रणनीति तय होगी। बताया जाता है कि करीब हफ्ते भर चले इस सर्वे के परिणाम उत्साह जनक नहीं रहे हैं ना ही अपेक्षा के मुताबिक नामांकन हो पाए हैं।
सूत्र बताते हैं कि पिछले सत्र में पहली से पांचवी तक के ही बच्चों की संख्या एक लाख 65 हजार 648 थी, जबकि छठी से आठवीं तक करीब 98 हजार बच्चे अध्ययनरत रहे। नवीं-दसवीं के 56 हजार 162 तो ग्यारहवीं-बारहवीं के विद्यार्थियों की संख्या 48 हजार 842 रही। इस तरह वर्ष 2022-23 में कुल विद्यार्थियों की संख्या तीन लाख 68 हजार 725 रही। अब बारहवीं-दसवीं के परिणाम के बाद करीब तीस हजार विद्यार्थी कम हो गए हैं। प्रवेशोत्सव की मॉनिटरिंग कर रहे अधिकारियों का मानना है कि इतनी संख्या तो पहली-दूसरी कक्षा में हुए नामांकन से ही पूरी कर दी जाएगी।
इस पर भी फोकस
सूत्रों के अनुसार प्रवेशोत्सव के तहत अधिक से अधिक नामांकन बढ़ाने का दबाव जिला शिक्षा अधिकारियों पर है। इस बार सीबीइओ/संस्था प्रधान को कोई लक्ष्य तो नहीं दिया गया पर इस बात का अल्टीमेटम दे दिया गया कि शिक्षा से वंचित, अनामांकित, ड्रॉप आउट के साथ प्रवासी श्रमिकों के साथ बालश्रम से मुक्त कराए गए बच्चों का हर हाल में नामांकन करने को कहा है। साथ ही यह भी चेताया कि इनमें एक भी बच्चा नामांकन होने से रहने पर कार्रवाई की जाएगी।

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