दो स्कूल पर लटके मिले ताले, शिक्षक नदारद
नोखा . सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के देरी से आने, बच्चों को नहीं पढ़ाने की शिकायतें तो अक्सर सुनने को मिलती हैं, लेकिन स्कूलों के औचक निरीक्षण में एक हकीकत और सामने आई है कि कुछ स्कूलों में निर्धारित समय पर बच्चे तो पहुंच जाते हैं, लेकिन उनके ताले ही नहीं खुलते हैं और ना ही संस्था प्रधान सहित स्टाफ समय पर पहुंचता है।गुरुवार को सीबीईओ माया बजाड़ ने सरकारी स्कूलों को औचक निरीक्षण किया, तो कुछ स्कूलों में यह हकीकत देखने को मिली। सीबीईओ बजाड़ ने बताया कि साधासर में राप्रावि रेडाना तलाई, राप्रावि औषधालय के पास साधासर दोनों स्कूलें बंद मिली। यहां बच्चे तो पहुंचे हुए थे, लेकिन स्कूल गेट पर ताले लटके थे।
इस संबंध में संस्था प्रधान को नोटिस जारी किए गए। राप्रावि मेघवालों की ढाणी तालवा मुकाम में कार्मिक सुरेंद्र कुमार बिना सूचना अनुपिस्थत पाया गया। रेडाणा तलाई में कार्मिक बाबूलाल व औषधालय के पास साधासर स्कूल का कार्मिक किशनदान भी अनुपिस्थत था। इन सभी कार्मिकों का अनुपिस्थति दिवस का वेतन रोकने के निर्देश संबंधित पीईईओ को दिए गए। इसके अलावा राउमावि साधासर व राउमावि मंसूरी का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय अध्यापक दैनिक डायरी, कक्षा शिक्षण, ई-कक्षा कक्ष व डायल फ्यूचर के तहत बच्चों को उनके लक्ष्य के बारे में जानकारी दी गई। एमडीएम व मुख्यमंत्री बाल गोपाल दुग्ध योजना का निरीक्षण किया गया। साथ ही उड़ान योजना के तहत बालिकाओं को सैनेटरी नेपकिन वितरण करने की जानकारी ली गई। प्रवेशोत्सव को उत्सव के रुप में आयोजित करने व सभी कार्मिकों को हाउस होल्ड सर्वे संबंधी निर्देश दिए गए। इस दौरान संदर्भ व्यक्ति हंसराज गोदारा भी मौजूद रहे।
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