आंगनबाड़ी केन्द्रों पर जलेंगे चूल्हे, बच्चों को मिलेगा ताजा भोजन
धौलपुर. प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अब बच्चों को ताजा भोजन व नाश्ता मिलेगा। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी निर्देश में आंगनबाड़ी केन्द्रो पर अब अति कुषोषित बच्चों को केन्द्र पर ही पका हुआ नाश्ता एवं पूरक आहार भोजन (रेडी टू कुक) मिल सकेगा। इसके तहत विभाग ने धौलपुर जिले के 1033 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर मेपिंग करानी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार 15 अगस्त से पहले सभी केन्द्रों को एलपीजी गैस चूल्हा उपलब्ध करा दिया जाएगा। केन्द्र पर भोजन मिलने से बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर बेहतर मॉनिटरिंग हो सकेगी। पके हुए भोजन में विभाग की ओर से पूरक पोषाहर की रेसीपी के रुप में फोर्टिफाइड मूंग दाल, चावल खिचड़ी, फोर्टिफाइड न्यूट्री मीठा दलिया एवं पौष्टिक उपमा प्रिमिक्स (मीठा नमकीन) को प्रत्येक केन्द्र पर मिलेगा। अभी तक केन्द्रों पर भोजन नहीं पकाया जाता था। बच्चों के अभिभावकों को पैकट दे दिए जाते थे। लेकिन अब ऐसे बच्चों को केन्द्र पर ही भोजन मिलेगा। जिले में संचालित 1033 आंगनबाड़ी केन्द्रो पर लगभग 95 हजार लाभार्थियों को पके हुए खाना का लाभ मिल सकेगा। प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र को 5 हजार 3 सौ रुपए की राशि स्वीकृत की जाएगी। जिससे वह गैस चूल्हा समेत अन्य सामग्री की खरीद करेंगी।
गैस कंपनियां उपलब्ध कराएंगी सिलेण्डर
सरकार के निर्देशानुसार सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार की कुकिंग के लिए अब गैस सिलेंडर शीघ्र ही उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके लिए गैस चूल्हा एवं रेगुलेटर सहित पाइप भी सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को मुहैया कराया जाएगा। जिसमें गैस एजेंसी भारत पैट्रोलियम, एचपीसीएल, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अधिकृत डीलरों के साथ बैठक कर इसे शीघ्र ही सुनिश्चित करने को निर्देश दिए हैं।
पोषण ट्रैकर ऐप पर उपलब्ध होगा डाटा
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से सही पोषण देश रोशन के तहत पोषण ट्रैकर एप पर जिलेभर के नवजात शिशुओं से लेकर छह साल तक के बच्चों तक और गर्भवती महिलाओं से लेकर दूध पिलाने वाली माताओं तक का सारा डाटा पोषण ऐप पर मिलेगा। अब विभाग को मैनुअल डाटा रखने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। षोषण ट्रैकर एप को लांच करने का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्र, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर निगरानी रखना। उससे संबंधित सभी सेवा नागरिकों तक आसानी से प्रदान करना है। इस ऐप के माध्यम से गर्भवती महिला, स्तनपान कराने वाली महिलाएं और बच्चों के पूर्ण लाभार्थी प्रबंध गतिविधियों को आसानी से प्रदान करवाया जाएगा।
जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर एक नजर
धौलपुर शहर में 228 आंगनबाड़ी संचालित हो रही हैं। इसके साथ ही बाड़ी क्षेत्र में 214 अांगनबाड़ी केन्द्रों पर कुषोषित बच्चे आ रहे हैं। बसेड़ी-सरमथुरा क्षेत्र में 250 आंगनबाड़ी केन्द्र चल रहे हैं। राजाखेड़ा में 188 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं। इसके अलावा सैंपऊ तहसील क्षेत्र मे 153 आंगनबाड़ी केन्द्र खुले हुए हैं। जिले में कुल 1033 आंगनबाड़ी केन्द्र हैं।
जिले में संचालित सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अब पका हुआ खाना मिलेगा। इसके लिए सभी केन्द्रों पर जल्द ही गैस चूल्हा सहित अन्य सामान उपलब्ध करा दिया जाएगा।-भूपेश गर्ग, सीडीपीओ, महिला एवं बाल विकास कार्यालय, धौलपुर

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