बालिका स्कूलों की सुरक्षा भामाशाहों के भरोसे
अलवर. जिले में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने तथा सुरक्षा के पूर्ण इंतजाम के दावों के बीच अलवर जिले में 164 सरकारी बालिका स्कूलों में मात्र 52 में ही सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। ये कैमरे भी सरकार ने नहीं, बल्कि भामाशाहों ने लगवाए हैं। जबकि इन स्कूलों में 2 लाख 25 हजार 880 बालिकाएं अध्ययनरत हैं। अलवर जिले में वर्तमान में कक्षा 1 से 12 वीं तक के करीब 164 बालिका विद्यालय संचालित हैं। इसमें करीब 2 लाख 25 हजार 880 बालिकाएं शिक्षा ले रही है। लेकिन ज्यादातर बालिका स्कूलों में बेटियों की सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था नहीं कराई जा सकी है। इतना ही नही इन स्कूलों के बाहर सुरक्षा के लिए पुलिस का इंतजाम भी नहीं रहता। पिछले सालों में जिले के अनेक सरकारी स्कूलों में बालिकाओं के साथ छेडछाड की घटनाएं हो चुकी हैं।
थानागाजी व राजगढ़ स्कूल में कैमरा नहीं
जिले के थानागाजी ब्लॉक में 12 राजकीय बालिका विद्यालयों में से एक भी स्कूल में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। इसी तरह से राजगढ़ ब्लॉक में भी 12 सरकारी विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन यहां भी एक भी कैमरा नहीं लगा है।
ब्लॉक---- बालिका स्कूल -----सीसीटीवी कैमरे
बानसूर --------17 ---------------------4
राजगढ़-------- 12 ---------------------0
बहरोड़-------- 23--------------------- 5
कठूमर --------9 ----------------------2
तिजारा --------6---------------------- 3
कोटकासिम ---2 ---------------------2
किशनगढबास -12 -------------------4
मुंडावर ---------6 --------------------4
रैणी ------------13------------------- 3
थानागाजी -------12---------------- 0
रामगढ़ ----------7 -----------------4
उमरैण ----------15 ----------------9
गोविंदगढ़ -------3---------------- 1
मालाखेडा------ 8---------------- 4
नीमराणा------- 11 --------------4
लक्ष्मणगढ़------ 8---------------- 3
सरकारी स्कूलों में कैमरे लगाने के लिए सरकार की ओर से कोई बजट नहीं दिया है। शिक्षा विभाग ने छह माह पहले ही भामाशाहों के सहयोग से विद्यालयों में कैमरे लगाने की पहल की है। अभी तक 52 स्कूलों में सीसी टीवी कैमरे लगाए गए हैं।-मनोज शर्मा, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा, अलवर।
कुछ समय पूर्व किशनगढबास के एक आवासीय विद्यालय में बालिका के साथ घटना हुई थी।-दया गर्ग, पूर्व बाल कल्याण समिति सदस्य,अलवर।
अलवर जिले में सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरों के लिए राज्य सरकार की ओर से कोई बजट नहीं दिया जाता है। इस कारण अलवर के भामाशाहों ने शिक्षकों के सहयोग से स्कूलों में कैमरे लगाने की पहल की है। इसमें भी अभी तक मात्र 52 बालिका विद्यालयों में ही कैमरे लगाए गए हैं। जबकि शहर में मात्र तीन सरकारी स्कूलों में ही कैमरे लग पाए हैं।

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