"हमें पढ़ाने दो' मुहिम के तहत हल्ला बोल, शिक्षकों ने रैली निकाली, बोले-बीएलओ का काम नहीं करेंगे
जिला मुख्यालय पर बुधवार को सहकारी बैंक कार्मिकों ने दी चूरू सैंट्रल को-ऑपरेटिक बैंक के प्रधान कार्यालय के आगे 54 माह से लंबित 16वें वेतन समझौते को लागू करवाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया।ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्पलाइज यूनियन तथा ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन यूनिट द्वारा यूनियन के प्रांतीय महासचिव सूरजभान आमेरा के आह्वान पर संगठित होकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया।एसोसिएशन अध्यक्ष संजय पूनिया व यूनियन अध्यक्ष संगीता राठौड़ ने बताया कि इससे पूर्व भी यूनियन द्वारा विरोध स्वरूप काली पट्टी बांध कर बैंक कार्य संपादित किया गया है। उन्होंने बताया कि वेतन समझौता लागू न होने की स्थिति में 26 जुलाई को शीर्ष बैंक जयपुर पर प्रदेश के सभी सहकारी बैंक कार्मिकों द्वारा धरना दिया जाएगा।
साथ ही रजिस्ट्रार कार्यालय से सहकारी समिति जयपुर तक रैली भी निकाली जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके बावजूद भी वेतन समझौता लागू नहीं होता है तो प्रदेश के सभी सहकारी बैंक कार्मिकों द्वारा 14 अगस्त को प्रस्तावित हड़ताल की जाएगी। सरदारशहर राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत की हमें पढ़ाने दो मुहिम को लेकर बुधवार को हल्ला बोल कार्यक्रम के तहत शिक्षकों ने विद्यार्थियों व अभिभावकों के साथ रैली निकालकर उपखंड कार्यालय के आगे धरना देकर प्रदर्शन किया। पंचायत समिति के आगे एकत्रित हुए शिक्षक व विद्यार्थी नारेबाजी करते हुए मुख्य मार्गों गुजरे। उपखंड कार्यालय पहुंचकर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान हुई सभा में जिलाध्यक्ष विजय पोटलिया व मंत्री वेदपाल मलिक ने कहा कि हम प्रशासन का सहयोग करना चाह रहे थे, लेकिन प्रशासन के अड़ियल रवैये के कारण फिर से आंदोलन की राह पर चलना पड़ रहा है।
अब जिले में कोई शिक्षक बीएलओ का कार्य नहीं करेगा। प्रदेश सभाध्यक्ष याकूब खान व संयुक्त मंत्री शुभकरण नैण ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम में स्पष्ट उल्लेख है कि राष्ट्रीय आपदा, 10 वर्षीय जनगणना, लोकसभा, राज्य विधानसभा व स्थानीय निकायों के निर्वाचन कार्य के अलावा शिक्षकों से अन्य किसी भी तरह का गैर शैक्षणिक कार्य नहीं करवाया जा सकता। मगर इसके बावजूद प्रशासनिक अमला प्रदेश के हजारों शिक्षकों को पूरे साल निर्वाचन नामावली के कार्य में लगाकर उन्हें कक्षा कक्षों से दूर कर विद्यार्थियों को पढ़ाने तक नहीं दे रहे हैं।
प्रांतीय प्रतिनिधि रतिराम सारण, ओमप्रकाश मुहाल, रतनलाल पांडिया, ओमप्रकाश पूनिया ने कहा कि अब चाहे कुछ भी हो जाए शिक्षक किसी भी हाल में गैर शैक्षणिक कार्य नहीं करेंगे। सार्वजनिक शिक्षा को बचाने के लिए संघर्ष किया जाएगा। बाद में तहसील अध्यक्ष सुरेन्द्र झोरड व मंत्री खेताराम सांडेला के नेतृत्व में ज्ञापन दिया गया। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष रणवीर सारण, गौरीशंकर सिहाग, अमरचंद सांडेला, संघर्ष समिति संयोजक भंवरलाल सारण, दिलीप चौधरी, सुरेश खीचड़, गौरीशंकर बाना, रामनिवास सारण, भागीरथ मेव, भींवराज पाटोदिया, हेमराज भांभू, रामलाल मंड,अनिल लांबा, लिखमाराम नायक, अंजना भोजक, माया चौधरी, विजय सिंह जाखड़, मनमोहनदान चारण, महेन्द्र शर्मा, भंवरलाल पूनिया, रामचन्द्र एचरा, बाबूलाल, बजरंगलाल बिस्सु, सुनील शर्मा, वेदप्रकाश अग्रवाल, मोहन मेहरिया, रणवीर सिंह मुनडिया, रामसिंह सिहाग, सुरेश सुंडा, शेरसिंह पूनिया आदि मौजूद रहे।
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