Transfer Policy : निकल रहा समय, चुक रहा धैर्य...आंदोलन की ओर हैं गुरूजी
बीकानेर. सरकार की ओर से आश्वासन मिलने के बाद भी अब तक तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले नहीं खोलने से शिक्षक संगठनों में आक्रोश गहरा रहा है। शिक्षक संगठन काफी समय से थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादले खोलने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार द्वारा पिछले साढ़े चार साल से केवल आश्वासन ही मिलने से उनका धैर्य चुक रहा है।इस बार भी शिक्षा मंत्री ने शिक्षक संगठनों को आश्वस्त किया था कि तबादला नीति तैयार है। जल्दी ही तबादले खोल दिए जाएंगे। तबादला नीति तो जारी नहीं हुई, अलबत्ता इंतजार में शिक्षकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
जवाब देने लगा धैर्य
सरकार की उहापोह का असर शिक्षक संगठनों के धैर्य पर पड़ रहा है, जो अब जवाब दे रहा है। प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील की जिला इकाई ने तो रविवार को आक्रोश बैठक आयोजित कर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की । निर्णय लिया गया कि अगर सरकार द्वारा 27 जुलाई तक तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले नहीं किए जाते हैं और शिक्षकों को बीएलओ कार्य से मुक्त नहीं किया जाता है, तो सभी जिला मुख्यालयों पर एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता आनंद पारीक ने की । इसमें तहसील तथा ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक को प्रदेश महामंत्री यतीश वर्मा, सलाहकार मंडल के अध्यक्ष सुभाष आचार्य, जिला मंत्री गोविंद भार्गव ने संबोधित किया।
अन्य शिक्षक संगठन भी इस मसले पर एकजुट
गौरतलब है कि शिक्षक संघ शेखावत पहले से ही शिक्षकों को बीएलओ कार्य से मुक्त करने की मांग को लेकर बीएलओ कार्य का बहिष्कार कर रहा है। वहीं शिक्षक संघ (लोकतांत्रिक) जयपुर में इन्ही मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर चुका है। इसी साल विधानसभा चुनाव भी होने हैं। सरकार पर विधायकों का दबाव भी है उसके बाद भी सरकार द्वारा कोई कदम नहीं उठाने को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में आश्चर्य भी व्यक्त किया जा रहा है कि आखिर सरकार पिछले 5 साल से शिक्षकों के तबादलों को लेकर गंभीर क्यों नहीं है।

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