
दिव्यांगों को मिलेगा पूरा हक, प्रशासन की पहल पर सिर्फ सीकर में होंगे दिव्यांग खेल
सीकर. ग्रामीण व शहरी ओलम्पिक में खेलने की चाह रखने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए राहतभरी खबर है। पहले फेज में भले ही दिव्यांग खिलाड़ियों को आयोजन से दूर कर दिया हो, लेकिन सीकर जिला प्रशासन ने दिव्यांग खिलाड़ियों के दर्द को समझा है। जिला कलक्टर की पहल पर अकेले सीकर जिले में पांच सितम्बर को सांवली रोड स्थित जिला खेल स्टेडियम में दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता होगी। जिले के 161 दिव्यांग खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में पंजीयन भी करा लिया है। इसमें सरकारी व निजी स्कूलों के साथ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित दिव्यांग शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थियों को खेलने का मौका मिलेगा। हालांकि दिव्यांगों का दर्द यह है कि सरकार की ओर से सभी जिलों में आयोजन नहीं कराए जाने की वजह से उनको राज्यस्तरीय खेलों में शामिल होने का मौका नहीं मिल सकेगा। प्रशासन की पहल को दिव्यांग विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों ने भी सराहा है।
कबड्डी 48
रस्साकस्सी 54
सतोलिया 16
एथलेटिक्स 28
चम्मच दौड 15
छात्रा खिलाड़ी 18
छात्र खिलाड़ी 143
कुल पंजीकृत खिलाड़ी 161
केस दो: पहले टूटी आस, अब मिला मौका
दिव्यांग खिलाड़ी पंकज ने बताया कि जब ग्रामीण ओलम्पिक हुए तभी से मन में एक सपना था कि हम भी अपनी प्रतिभा को दिखाए। सरकार की ओर से दिव्यांग खेलों को शामिल नहीं किए जाने पर सपना टूट गया। अब प्रशासन ने अनुमति दी है तो तैयारी शुरू कर दी है। इसी तरह राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कंदलाऊ में कक्षा छह में अध्यनरत तरूण ने बताया कि संदर्भ कक्ष प्रभारी ने जब से सूचना दी उसी दिन से तैयारी शुरू कर दी है।
केस एक: जीत के लिए शुरू किया अभ्यास
शहीद सरफुद्दीन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पिपराली के छात्र अरविन्द कुमार ने बताया कि ग्रामीण व शहरी ओलम्पिक प्रतियोगिता में शामिल करने की पहल सराहनीय है। संदर्भ कक्ष के प्रभारी भगत सिंह व बनवारीलाल की पहल पर नियमित अभ्यास शुरू कर दिया है। वहीं दिव्यांग दीपक कुमार ने बताया कि भविष्य में नौकरी में अवसर भी मिल सकता है।
पढ़ाई के साथ खेलों में भी आगे आएंगे दिव्यांग
समावेशी शिक्षा के तहत दिव्यांग लगातार सीकर का मान बढ़ा रहे हैं। खेलों में भी दिव्यांग खिलाड़ियों को आगे लाने के लिए नवाचार किया है। इससे दिव्यांगों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। दिव्यांगों की प्रतियोगिता में विजेता रहने वाले खिलाड़ियों को प्रशासन की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा।-सौरभ स्वामी, कलक्टर, सीकर
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