सरकार दे रही प्राथमिकता मगर जिम्मेदार बेपरवाह... वरीयता सूची में पिछड़ रहे अभ्यर्थी
जयपुर. सरकार भर्तियों में विधवा, दिव्यांगजन, श्रेष्ठ खिलाड़ी, परित्यक्ता सहित अन्य श्रेणी के विशेष अभ्यर्थियों को आगे बढ़ाने की बात कर रही है। कार्मिक विभाग ने इन श्रेणी के अभ्यर्थियों को जिला आवंटन और काउंसलिंग में प्राथमिकता देने का नियम भी बना रखा है, लेकिन शिक्षा विभाग और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड नियमों से अलग चल रहे हैं। विभाग की इस गलती से हजारों अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दस्तावेज की जांच अधूरी
चयन बोर्ड ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती लेवल-1 में 1914 अभ्यर्थियों को प्रोविजनल सूची में रखा है। इनमें कई अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिनके दस्तावेज की जांच अटकी हुई हैं तो किसी के दस्तावेज में कमी है। बोर्ड और शिक्षा विभाग अभी तक दस्तावेज की जांच नहीं कर पाया है, जबकि विभाग ने दस्तावेज जांचने के लिए डेढ़ महीने पहले राज्य स्तरीय कमेटी बनाई थी। अब 19,086 अभ्यर्थियों को जिला आवंटन करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। ऐसे में प्रोविजनल सूची में शामिल 1914 अभ्यर्थियों को वंचित किया जा रहा है। इस सूची में शामिल योग्य अभ्यर्थी भी वरीयता और जिला स्तर पर स्कूल वरीयता में पिछड़ रहे हैं।
4 दिन का ही समय दिया, इनमें 3 राजकीय अवकाश
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने प्रोविजनल सूची में शामिल अभ्यर्थियों से दस्तावेज पूर्ति के लिए सात दिन का समय दिया है, लेकिन इनमें तीन दिन राजकीय अवकाश आ गए हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों केे पास चार दिन का समय ही शेष बचा है।
यह है विशेष कैटेगरी में कट ऑफ...
वीएल, एलवी 120.5342
एचआई 109.0684
एलडी, सीपी 171.4100
एसएलडी, एमवी 11.5043
एसपी 85.6111
पीटीआई भर्ती में दी छूट
शिक्षा विभाग की भर्तियों में अलग-अलग नियम है। विभाग प्रोविजनल सूची के अभ्यर्थियों को जिला आवंटन और काउंसलिंग में शामिल नहीं कर रहा है। वहीं, पीटीआई भर्ती में प्रोविजनल सूची के अभ्यर्थियों को सिर्फ काउंसलिंग में शामिल कर लिया था। शिक्षक भर्ती के योग्य अभ्यर्थी भी काउंसलिंग की मांग कर रहे हैं।
प्रोविजनल सूची में शामिल अभ्यर्थियों को फिलहाल जिला आवंटन में शामिल नहीं किया जा रहा है। अंतिम निर्णय इसका आगामी बैठक में करेंगे।- किशनदान सिंह, भर्ती प्रभारी शिक्षा विभाग
प्रोविजनल सूची में शामिल अभ्यर्थी योग्य हैं। विभाग पीटीआई भर्ती की तर्ज पर ही इनको जिला आवंटन कर काउंसलिंग करे। दस्तावेज पूरे नहीं कर पाने वाले अभ्यर्थी स्वत: ही बाहर हो जाएंगे।- उपेन यादव, प्रदेशाध्यक्ष राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ

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